जगाधरी। प्रदेश सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में चल रहा अध्यापकों का अनशन वीरवार को 157वें दिन भी जारी रहा। शिक्षकों की इतनी लंबी भूख हड़ताल और सरकार द्वारा समाधान न करने से अध्यापकों सहित अन्य कर्मचारी संगठनों में भी भारी रोष है।
अध्यापकों की भूख हड़ताल हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर 23 अप्रैल से चल रही है। जिसमें प्रदेश भर के अध्यापक हर दिन भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। वीरवार को हड़ताल का नेतृत्व फतेहबाद के जाखल से राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांडा ने किया। जबकि उनके साथ अजीत शास्त्री, नीरज कुमार, दीपक कुमार, हरदीप सिंह अनशन पर बैठे।
जिला प्रधान संजय कांबोज, अमरीक सिंह, वीरेंद्र कुमार, राकेश धनखड़, राम नरेश, अंचला कांबोज ने मालाएं पहनाकर अध्यापकों को अनशन पर बैठाया। उन्होंने कहा कि अध्यापकों के पदों की स्वीकृति विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर की जाती है। वहीं नियुक्तियां बच्चों को पढ़ाने के लिए की जाती है। परंतु प्रदेश में अध्यापकों के 50 हजार से ज्यादा पद रिक्त पड़े हैं। प्रदेश के दर्जनों स्कूल ऐसे हैं जिसमें एक या दो ही शिक्षक हैं। ऐसे में भी सरकार शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य ले रही है। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब हो रही है। दूसरी तरफ सरकार कम संख्या बताकर मर्ज के नाम पर स्कूल बंद कर रही है। अधिक संख्या वाले स्कूल सीबीएसई को सौंप दिए गए हैं।