फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी विभाग दे रहे बिजली निगम को झटका

Thu, 31 Oct 2013 04:22 PM IST
यमुनानगर
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली निगम के डिफाल्टरों की लिस्ट में सरकारी विभाग भी पिछे नहीं हैं, जो करोड़ों का बकाया बिजली निगम को डिफाल्टर उपभोक्ताओं से लेना है उसका एक बड़ा हिस्सा तो सरकारी विभाग ही दबाए बैठे हैं। सरकारी विभागों का रुका बिल बिजली निगम के लिए भी मुसीबत बन चुका है।
विज्ञापन


आम उपभोक्ताओं से ज्यादा इन्हें सरकारी विभागों के कारण बिजली निगम घाटे में है। हालांकि एक माह से बिजली निगम की ओर से डिफाल्टरों से रिकवरी के लिए अभियान चलाया है, जिसमें कुछ विभागों से रिकवरी हो भी चुकी है, लेकिन करोड़ों का बकाया सरकारी विभागों की तरफ रहने से यह साबित होता है कि खुद सरकारी विभाग ही सरकारी विभागों के लिए सिरदर्द बने हैं।

वर्षों से रुका है बकाया
जिन डिफाल्टर उपभोक्ताओं से बिजली निगम की ओर से रिकवरी अभियान चलाया हुआ है वे कई वर्षों से बिजली बिल अदा नहीं कर रहे थे। इन उपभोक्ताओं से रिकवरी के लिए बिजली निगम की ओर से रणनीति तैयार की गई और इसके लिए जिले में 150 टीमों का गठन किया गया, जो डिफाल्टर उपभोक्ताओं से या तो बिल की रिकवरी करेगी या फिर कनेक्शन काटेगी। इस अभियान के तरह ये टीमें एक महीने में सात करोड़ के करीब रिकवरी कर चुकी है। साथ ही 500 के करीब डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी काटे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी ऐसे सरकारी डिपार्टमेंट का कनेक्शन नहीं काटा गया जिसकी तरफ वर्षों से बिल बकाया है।
विज्ञापन


सरकारी विभागों से हो पहले रिकवरी
एडवोकेट वरयाम सिंह, राहुल सैनी, बलवंत सिंह, संजीव कुमार और निर्मल कुमार का कहना है कि जो रिकवरी अभियान बिजली निगम ने डिफाल्टर उपभोक्ताओं के लिए चलाया है, उसमें पहले सरकारी विभागों से रिकवरी होनी चाहिए। बिजली निगम के अधिकारी भी आम आदमी से ही रिकवरी करने में लगे हैं। उनका कहना है कि सरकारी विभागों पर सालों से लाखों रुपये बकाया है, लेकिन उनसे रिकवरी करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं होती। आम आदमी अगर बिल न भरे तो उसका महीने भर में की कनेक्शन काट दिया जाता है।

इतना बकाया है उपभोक्ताओं पर 
श्रेणी
घरेलू रूरल         1507.86
घरेलू अर्बन        614.92
कामर्शियल         575.14
एग्रीकल्चर         583
इंडस्ट्री              393.78
अन्य                130.90
सरकारी विभाग
बल्क सप्लाई   16.07
सिचाई विभाग    8.55
नगर निगम            60.4
पब्लिक हेल्थ     665.64
पंचायत            1.7
रेलवे                77.27
अन्य सरकारी विभाग        12.7
(नोट: राशि लाखों में है। यह डाटा रिकवरी अभियान शुरू होने से पहले का है। अभी बिजली निगम की ओर से विभिन्न उपभोक्ताओं से सात करोड़ के करीब रिकवरी की है।)
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें