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गैर इरादतन हत्या के दोषी गोरक्षा मंच के सदस्य को पांच साल कैद

Fri, 05 Feb 2016 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/जगाधरी
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गैर इरादतन हत्या के दोषी गोरक्षा मंच के सदस्य गांव लेदी निवासी सुभाष को कोर्ट ने पांच साल कठोर कारावास तथा 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सरीता गुप्ता की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब 9 महीने चली सुनवाई के दौरान 13 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
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पीट-पीटकर की थी तासीन की हत्या
20 मार्च 2015 को गांव नागलत्ती निवासी यामीन ने खिजराबाद पुलिस को शिकायत दी थी कि उसका भाई तासीन पशुओं की खरीद फरोख्त का काम करता है। उसके साथ खैरीबांस निवासी आयुब व कल्लू भी काम करते हैं। चार बैल खरीदने के उपरांत 15-16 मार्च की रात को तासीन, आयुब व कल्लू उन्हें लेकर गांव ताजेवाला लेकर जा रहे थे। अयुब ने उसे बताया कि 16 मार्च को करीब 8 बजे ताजेवाला गांव के नजदीक स्थित पेट्रोल पंप के पास तीन-चार लड़के उन्हें मिले। जिसमें लेदी निवासी सुभाष, अराइयांवाला निवासी सुशील, सुरेंद्र, गोटी शामिल थे।

कुछ देर बाद वहां पर 8-10 अन्य युवक आ गए। जिन्होंने आयुब, तासीन व कल्लू को पकड़ लिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक आयुब व कल्लू किसी तरह से उन लोगों से छूटकर मौके से फरार हो गए। जबकि उन्होंने तासीन को रस्सी से बांधकर पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद वह लापता हो गया। पुलिस ने भादंसं की धारा 365 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
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गांव भूंडकलां के पास मिली थी तासीन की लाश
21 मार्च को तासीन की लाश पश्चिमी यमुना नहर में गांव भूड़कलां के पास मिली थी। जिसके उपरांत पुलिस ने इस मामले में हत्या की धारा 302 को जोड़ दिया। यमुनानगर के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर्स के पैनल से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। जांच के दौरान पता चला कि गांव लेदी निवासी सुभाष, अराइयांवाला निवासी सुशील, सुरेंद्र, गोटी द्वारा पिटाई करने की वजह से तासीन की मौत हुई है।

पुलिस ने उपरोक्त आरोपियों को काबू कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत भेज दिया गया। कोर्ट करीब नौ महीने चली सुनवाई के दौरान 13 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सरीता गुप्ता की कोर्ट ने भादंसं की धारा 304 पार्ट टू में गांव लेदी निवासी सुभाष को दोषी करार देते हुए पांच साल कठोर कारावास तथा 10 हजार रुपये जुर्माना किया है। जबकि 201 में तीन साल कठोर कारावास तथा पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। जबकि सुशील, सुरेंद्र, राजेश उर्फ गोटी को बरी कर दिया गया है।
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