संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में लकड़ी व्यापार से जुड़ा एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस मामले में ठगी की रकम एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। आरोप है कि सुनियोजित तरीके से व्यापारियों से माल खरीदकर भुगतान नहीं किया और फैक्टरी बंद कर फरार हो गए। थाना सदर यमुनानगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मां शताक्षी टिंबर के प्रोपराइटर भूप सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म पंजीकृत है और वह लंबे समय से लकड़ी का कारोबार कर रहे हैं। किसान उनके पास लकड़ी बेचने आते हैं और वह आगे प्लाईवुड फैक्ट्रियों में इसकी सप्लाई करते हैं। इसी दौरान उनका संपर्क गांव पांसरा, रायपुर रोड स्थित ओमसियन इंडस्ट्रीज से हुआ।
भूप सिंह के अनुसार उन्होंने इस फर्म को बड़ी मात्रा में लकड़ी सप्लाई की, जिसके बिल और कांटा पर्चियां उनके पास मौजूद हैं। तय समय पर भुगतान करने के बजाय फर्म संचालकों ने फैक्टरी बंद कर दी और लापता हो गए। भूप सिंह के अनुसार जब उसने बार-बार पेमेंट की मांग की तो टालमटोल किया जाता रहा।
शिकायत में बताया गया कि फर्म की प्रोपराइटर निशा नवलबा (पत्नी प्रकाश जैन) है। प्रकाश जैन लंबे समय से प्लाईवुड कारोबार से जुड़ा रहा है। आरोप है कि प्रकाश जैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत यह ठगी की। पहले व्यापारियों से माल लिया गया और फिर भुगतान से बचने के लिए फैक्टरी बंद कर दी गई।
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस ठगी का शिकार केवल वह नहीं, बल्कि 15-20 अन्य आढ़ती भी हुए हैं। इनमें एसके टिंबर ट्रेडिंग कंपनी, सोहराब टिंबर, ओम टिंबर, विशाल राणा टिंबर, घोड़ो पिपली टिंबर, न्यू सूर्या टिंबर, न्यू आरएस टिंबर, हरी ओम ट्रेडर्स, सलीम टिंबर, महफूज टिंबर और श्रीकृष्णा ट्रेडर्स सहित अन्य व्यापारी शामिल हैं।
आढ़तियों का कहना है उनका काफी नुकसान हुआ है, इससे वे काफी परेशान हैं। जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दी। मामले के जांच अधिकारी प्रदीप ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।