घर में सो रहे सुरेंद्र सैनी के परिवार के लोगों की जान उस समय आफत में पड़ गई, जब जोरदार धमाके साथ पूरा घर आग की लपटों से घिर गया। दो वर्षीय मासूम को उठाकर परिवार के छह सदस्य बाहर निकलने का प्रयास करने लगे तो बरामदे में खड़ी दो बाइक भी जल उठी और आग फैल गई। देखते ही देखते सारा सामान आग की चपेट में आ गया। सुरेंद्र सैनी की जनवरी में होने वाली शादी के लिए खरीदकर रखा सामान रजाइयां, फ्रिज, वाशिंग मशीन सहित अन्य लाखों का सामान जल गया।
परिवार ने घर के पिछले दरवाजे से निकल कर जान बुझाई। वहीं धमाके की आवाज सुनकर उठे पड़ोसियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इस दौरान फायरब्रिगेड को लोगों ने करीब 15 बार कॉल की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। हादसा बस स्टैंड के साथ लगती पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में शुक्रवार देर रात करीब एक बजे हुआ। इस दौरान कॉलोनी वासियों ने फायरब्रिगेड को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। जिसके बाद कॉलोनी का एक युवक दमकल कार्यालय में सूचना देने पहुंचा, जिसके करीब पौने घंटे बाद वे पहुंचे। तब तक कॉलोनी वासी लगभग आधी से ज्यादा आग पर काबू पा चुक थे। गनीमत यह रही कि इतने बड़े हादसे में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। लेकिन घर में बेटी की शादी के लिए रखा लाखों रुपये का सामान खाक हो गया। आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। मामले की जांच में पुलिस जुटी है।
पीडब्ल्यूडी बी एंड आर में कार्यरत इलेक्ट्रिशियन सुरेंद्र सैनी ने बताया कि वह परिवार के साथ बस स्टैंड के पास स्थित विभाग के सरकारी क्वार्टर में रहता है। उसके साथ उसकी पत्नी कांता देवी, बेटी मिनाक्षी बेटा प्रदीप, बेटे की पत्नी अराधना व उनका दो साल का बेटा गोरीश रहते हैं। सुरेंद्र सैनी ने बताया कि रात को परिवार के सभी सदस्य खाना खाकर सो गए थे। करीब एक बजे उन्हें एक धमका सुनाई दिया। जब वह उठे और बरामदे में आए तो आग लगी हुई थी। आग तेजी से फैलती जा रही थी। वहां खड़ी दोनों बाइक धूं-धूं कर जल रही थी और आग फैलती जा रही थी।जिस पर उन्होंने परिवार के अन्य लोगों को जगाया और घर से बाहर आने का प्रयास किया। लेकिन आग ने बरामदे के साथ कमरों व बाहर निकले के दरवाजे को भी चपेट में लिया। जिसके बाद वे तुरंत पिछले दरवाजे की ओर भागे और अपनी जान बचाई। इस दौरान घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया।