श्रीराम कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु। आयोजक।
रादौर। शहर के पक्के घाट पर स्थित श्रीनागेश्वर धाम मंदिर में चल रही श्रीराम कथा का शनिवार को चौथा दिन रहा। चौथे दिन कथावाचक धनंजय शास्त्री ने भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान किया।
उन्होंने कहा कि श्रीराम नाम की महिमा से सभी को भवसागर से पार कर देती है। सभी को हनुमान जी की तरह श्रीराम चंद्र के नाम जाप का स्मरण करना चाहिए। भगवान रामचंद्र मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। उन्होंने पिता के वचन के लिए 14 वर्ष वनवास में बिताए। सभी को अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। हमें श्रीराम चंद्र की तरह अपना जीवन माता-पिता के लिए व माता पिता के वचनों का पालन करते हुए व्यतीत करना चाहिए। श्रीराम चंद्र ने हनुमान जी को अपना भाई माना है। जिसने पग-पग पर श्रीराम चंद्र का साथ दिया है। संवाद