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गीता दुर्लभ ग्रंथ, सभी समस्याओं का हल निहित: कंवरपाल

Sun, 20 Dec 2015 12:25 AM IST
यमुनानगर/अमर उजाला ब्यूरो
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श्रीमद्भगवत गीता एक दुर्लभ ग्रंथ है, इसमें 21वीं सदी की सभी समस्याओं का हल निहित है। सृष्टि पर जब तक मानव जीवन है, तब तक गीता का महत्व दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति के लिए है। हम सभी को जीवन सफल बनाने के लिए गीता का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। यह बातें हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल ने जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह में कही। उन्होंने दशहरा ग्राउंड में आयोजित समारोह का उद्घाटन कर यहां लगी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

कंवरपाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की भूमि में दुनिया को एक जीवन पद्धति दी थी, जो व्यक्ति को निष्काम कर्म के लिए प्रेरित करती है। यह वह पद्धति है, जिसे अपनाकर व्यक्ति धर्म, अर्थ का सही प्रयोग कर मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। इसी पद्धति को जीवन में अपनाकर व्यक्ति नर से नारायण हो जाता है। ऐसे में हम गीता के संदेश को जीवन में अनुसरण कर पूरी दुनिया में शांति, प्रेम, भाईचारे व सद्भाव को स्थापित कर सकते हैं।
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अतिथियों का स्वागत करते हुए डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने कहा कि गंगा के बाद सरस्वती नदी को पवित्र नदी माना है और सरस्वती नदी का उद्गम स्थल यमुनानगर में स्थित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोगों की भलाई के लिए अनेक योजनाएं चलाई हैं। गीता जयंती समारोह में जिला स्तर पर लगाई गई प्रदर्शनियों से गीता के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा होगी। इस मौके पर एसपी डॉ. अरुण सिंह, एडीसी डॉ. शालीन, जगाधरी व बिलासपुर एसडीएम प्रेमचंद व गिरीश कुमार, नगराधीश पूजा चॉवरिया, बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता एचपी शर्मा, डीआरओ सतीश भारद्वाज, डीडीपीओ गगनदीप सिंह, डीपीआरओ अवतार सिंह व जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों के अलावा धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

गीता संपूर्ण मानव जाति के लिए एक अमूल्य रत्न
अरोड़ा समारोह की अध्यक्षता करते हुए यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि गीता एक अमूल्य रत्न है, जो सम्पूर्ण मानव जाति के लिए है। इसलिए गीता ज्ञान की जानकारी हर व्यक्ति को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरती पर भगवान श्री कृष्ण ने गीता का जो संदेश दिया था, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उस समय था। गीता के उपदेशों को अपनाकर ही मनुष्य के दुख-दर्द व समस्याएं दूर हो सकती हैं। अरोड़ा ने कहा कि गीता के उपदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने इस वर्ष कुरुक्षेत्र के साथ प्रदेश के सभी जिलों में गीता जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
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प्रस्तुति से समारोह में लगाए चार-चांद
हरियाणा के लोक वाद्य यंत्रों जैसे डेरू, जंगम, बीन, जोगी, बांसली, नगाड़ा आदि की विशेष प्रस्तुति रही, जिन्होंने उद्घाटन समारोह में चार चांद लगाए। विभिन्न जिलों से आए उच्चकोटि के कलाकारों की प्रस्तुति दर्शकों ने बड़ी रूचि लेकर देखी। महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला पुलिस यमुनानगर, पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट, गीता ज्ञान अध्यात्मिक ब्रहमकुमारीज प्रोफेसर कालोनी यमुनानगर, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड, अक्षय ऊर्जा विभाग, गौरक्षा दल यमुनानगर व श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति द्वारा मनमोहक प्रदर्शनियां लगाई गईं। इसी स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदेश सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों को दर्शाती हुई प्रदर्शनियां भी लगाई गईं। इसमें श्रीमद्भगवद गीता बारे महापुरुषों, विद्वानों व दार्शनिकों के कथन भी दर्शाए गए। समारोह में गुरुनानक खालसा कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं द्वारा सराहा गया। जीओ गीता संस्था की ओर से भी भगवान श्रीकृष्ण की प्रार्थना और गीत के माध्यम से गीता की महत्ता बताई गई।


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