यमुनानगर। जींद के सरकारी स्कूल में 142 छात्राओं के साथ प्रिंसिपल द्वारा की गई छेड़छाड़ का मामला उजागर होने के बाद जिले में सेफ सिटी टीम विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में जाकर बच्चियों को जागरूक कर रही है। इस दौरान सेफ सिटी टीम की ओर से छात्राओं से की जा रही बातचीत के दौरान चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
बातचीत में पता चल रहा है कि छोटी-छोटी बच्चियां बाहर नहीं बल्कि खुद खुद अपने ही घर में यौन उत्पीड़न हो रहा है। बच्चियों से छेड़छाड़ करने वाला भी कोई और नहीं बल्कि उनका सगा व सौतेला पिता, भाई, चचेरा भाई, ताया, फूफा व जीजा जैसे लोग शामिल हैं। सेफ सिटी टीम के सामने अब तक 60 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आया चुके हैं।
सेफ सिटी टीम की इंचार्ज एएसआई नीलम देवी व हेड कांस्टेबल सुरेंद्र हैं। टीम जिले में अब तक 129 स्कूलों व कॉलेजों में जाकर छात्राओं को गुड व बैड टच के बारे में बता चुकी हैं। छात्राओं को जागरूक किया जाता है। जिन्हें बताया जाता है कि यदि कोई उनसे छेड़छाड़, पीछा करना, परेशान करना, उनके साथ साइबर क्राइम आदि करता है तो वह इसकी शिकायत महिला हेल्प लाइन, महिला थाना या फिर पुलिस कंट्रोल रूम में कर सकती हैं। उनकी पहचान गुप्त रखते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
कुछ छात्राओं ने टीम को बताया कि घर पर उनके साथ छेड़छाड़ की जाती है। किसी के साथ भाई ने तो किसी के साथ सौतेले व सगे पिता और जीजा ने छेड़छाड़ की। जो छात्राएं इस छेड़छाड़ का शिकार हो रही हैं उनमें तीसरे से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राएं ज्यादा हैं। दरअसल इस उम्र की छोटी बच्चियों को मोबाइल दिखाने का लालच देकर, उन्हें जान से मारने की धमकी देकर या फिर भाई, बहन या मां को जान से मारने का डर दिखाकर छेड़छाड़ कर रहे हैं।
60 से अधिक बच्चियों के साथ छेड़छाड़ के मामले सामने आने के बाद सेफ सिटी की टीम ने उनके परिजनों से बात की। इस दौरान हैरान करने वाली बात यह सामने आई की उन्होंने इसे लेकर छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ थाने में शिकायत करने से साफ इंकार कर दिया। पीड़ित बच्चियों के परिजनों ने इसे घरेलू मामला बताया।
हालांकि परिजनों ने यह आश्वासन दिया कि वह इस पर नजर रखेंगी और आरोपियों से अपने स्तर पर बात करेंगे। इतने मामलों में से सेफ सिटी टीम एक परिवार को शिकायत देने के लिए मना लिया। जिस पर थाने में केस भी दर्ज करवा दिया गया। परंतु केस दर्ज होने के बाद दोनों पक्षों ने मिलकर समझौता कर लिया। संवाद
पीड़िता के परिजनों से लेते हैं फीडबैक : नीलम
सेफ सिटी टीम की इंचार्ज एएसआई नीलम देवी ने बताया कि राजकीय व निजी स्कूल, कॉलेजों में जाकर छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान कुछ छात्राएं ऐसी होती हैं जो कार्यक्रम में गुमसुम बैठी रहती हैं। इससे अंदाजा लग जाता है कि उनके साथ कुछ न कुछ घटित हुआ है। इसलिए उनसे विशेष तौर पर बातचीत की जाती है। छात्राओं को डेमो करके बताया जाता है कि गुड टच व बैड टच क्या है। प्रयास यही कर रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ शिकायत दिलाकर उन पर कार्रवाई कराई जाए। जो शिकायत नहीं करते उनसे फीडबैक लिया जाता है।