बिलासपुर। अहड़वाला के राजकीय महाविद्यालय में सांस्कृतिक समिति की ओर से बुधवार को गीता जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजकीय माध्यमिक विद्यालय के संस्कृत के अध्यापक समीर शास्त्री और राजकीय महाविद्यालय, अहड़वाला के हिंदी विभाग की डॉ. ममता मग्गो ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। समीर शास्त्री ने आधुनिक युग में गीता का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि हमें गीता को पढ़ने के साथ उसे जीवन में अपनाना चाहिए।
प्राचार्या ने कहा कि श्रीमद्भगवत धार्मिक ग्रंथ होने के साथ हमें जीवन जीने की कला भी सिखाता है। आज के इस आधुनिक युग में हमें गीता के संदेश को अपनाने की आवश्यकता हैं। जिसमें बताया गया है कि हमें कर्म करना चाहिए और फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए। वहीं, डॉ. ममता मग्गो ने आज के जीवन में गीता का महत्व विषय पर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवद् गीता के रचयिता महर्षि वेदव्यास हैं। गीता केवल उपदेश भरा ग्रंथ ही नहीं है बल्कि मानव इतिहास की सबसे महान सामाजिक, धार्मिक, दार्शनिक और राजनीतिक वार्ता भी है। संसार की समस्त शुभता गीता में निहित है। गीता का उपदेश जगत कल्याण का सात्विक मार्ग और परा ज्ञान का कुंड है।