संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुराना रादौर रोड रेल फाटक की जगह बन रहे आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) के लिए रेलवे ट्रैक पर रेलवे ने तीन दिन में गार्डर लांच कर दिया। इस पर शटरिंग कर सरिये व कंक्रीट से स्लैब बनेगी। इसमें भी अंबाला-सहारनपुर रेल मार्ग पर ब्लॉक लेने की जरूरत पड़ेगी। इससे काम में दो-तीन माह लगने का अनुमान है, वहीं रेलवे ट्रैक के दोनों ओर पीडब्ल्यूडी के अधीन आरओबी का काम दो-तीन माह में पूरा होने की संभावना है।
गार्डर लांचिंग के लिए रेलवे ट्रैक के साथ तीन जगह सीमेंट के छह पिलर व उन पर बेस पहले ही तैयार किए जा चुके थे। यहां रेलवे की 25 हजार वोल्टेज की लाइन निकल रही है, इसलिए काम से पहले अंबाला-सहारनपुर रेल मार्ग पर ब्लॉक लिए गए। रेलवे ब्लॉक ऐसे समय रहे, जब रेलमार्ग से ट्रेनों की आवाजाही नहीं थी या कम थी।
इस कारण इसका रेल सेवा पर अधिक असर नहीं पड़ा। गार्डर लांचिंग के लिए 16 से 20 जुलाई तक डीएफसीसी व नोर्दन रेलवे की लाइन पर अलग-अलग दिनों में सुबह से दोपहर के बीच डेढ़ तो कभी तीन से चार घंटे रेलवे ब्लॉक रहा। इस बीच 150 टन से अधिक वजनी क्रेन से स्टील के भारी-भरकम दस गार्डर पिलर के बेस पर रेलवे अफसरों, इंजीनियरों सहित 70 लोगों की टीम ने रखने का काम पूरा किया।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अंबाला से चीफ जनरल मैनेजर पंकज गुप्ता ने बताया कि लांच किए गार्डर पर शटरिंग होगी। जिस पर सरिये बिछेंगे और फिर कंक्रीट डाली जाएगी। इस तरह रेलवे ट्रैक के ऊपर आरओबी पर स्लैब फिर रोड बनेगी। इस काम में दो तीन माह लगने का अनुमान है।
आरओबी का फायदा
आरओबी से रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बसी कॉलोनियों व गांवों के लोगों का दोनों ओर आना-जाना सुगम होगा। जिन्हें आरओबी निर्माण के कारण ढाई साल से पुराना रादौर रोड रेल फाटक का रास्ता बंद होने से कई किलोमीटर घूमकर चांदपुर आरओबी या जमना गली अंडरपास के रास्ते आना-जाना पड़ रहा है।