फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शनिवार और रविवार को बाजार बंद कराने पर दुकानदारों ने जताया रोष

विज्ञापन
fury among shopkeepers on closing the market - फोटो : Yamuna Nagar
विज्ञापन
सरकार द्वारा शनिवार और रविवार को बाजार बंद करने के फरमान का व्यापारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। वीरवार को उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा की एक बैठक हुई। जिसमें शनिवार व रविवार को बाजार बंद करवाने के फैसले पर रोष जताया गया। जिसमें सभी व्यापारियों ने एक सुर में कहा कि सबसे ज्यादा बिक्री इन दो दिन में ही होती है। क्योंकि शनिवार व रविवार को अधिकतर फैक्ट्रियां बंद होने से कामगार बाजार में सामान खरीदने आते हैं। अधिकतर दुकानदार किराए की दुकानों को लेकर काम कर रहे हैं। लॉकडाऊन के कारण पहले ही हालात प्रतिकूल हो चुके हैं। सरकार भी व्यापारियों की समस्याओं को नहीं समझ रही। इस दौरान सर्वसम्मति से गोपाल शर्मा को खजूरी रोड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा जयसिंह काम्बोज को सरपरस्त, प्रवेश काम्बोज को उपाध्यक्ष, बलराम ठकराल व इन्द्रजीत सिंह को सचिव नियुक्त किया गया। सभी नवनियुक्तों को फूल माला पहना कर स्वागत किया गया। इस मौके पर अमित शर्मा, संजय मित्तल, अभिराज राणा, रोहित त्यागी, प्रदीप पांजूपुर, अरबाज प्रदेशी, बख्शी, हैप्पी करियाना, सन्तोष गुप्ता, विश्वास कुमार, मदन मोहन मैहत्ता, विनोद प्रजापति आदि व्यापारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन

उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष महेन्द्र मित्तल ने कहा कि सरकार जो भी नियमावली सरकार जारी करती है। व्यापारी उसका अनुपालन करते हैं। अब शनिवार रविवार को मार्केट बंद करने से व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारी कर्ज में दब गया है। किराएदार दुकानदारों को किराया देना मुश्किल हो गया है। बैंक का ब्याज नहीं दे पा रहे हैं। नौकरों की तनख्वाह देना असंभव हो गया है। सरकार को बाजार खुलवाने के लिए ज्ञापन दिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग हमेशा सरकार का एक सहयोगी रहा। लेकिन सरकार व्यापारियों को समस्या को समझने मे असफल हो रही है। व्यापारियों को सरकार प्रताड़ित ना करें। सप्ताह भर काम करने दिया जाये। उन्होंने कहा कि जितना कम समय दुकान खुलेगी। बाजार में उतना अधिक भीड़भाड़ होगी सरकार प्रतिदिन व्यापार करने की अनुमति दी जाए। साथ ही सरकार जो भी नियम कानून बनाए उसमें पहले व्यापारियों के साथ विचार-विमर्श कर निर्णय लिए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें