संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले के राजकीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना का संचालन आर्थिक संकट से जूझ रहा है। मई के बाद से विद्यालयों को भोजन तैयार करने के लिए राशि नहीं मिलने से रसोई का खर्च चलाना चुनौती बन गया है। बच्चों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करवाने के लिए विद्यालय मुखियाओं और शिक्षकों को निजी स्तर पर पैसे जुटाने और दुकानदारों से उधार लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
छह माह से भुगतान लंबित रहने के कारण उधार लगातार बढ़ रहा है। अब दुकानदारों ने भी और सामान उधार देने से हाथ खड़े करने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में दूध, सब्जी, मसालों सहित रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की व्यवस्था करना मुश्किल होता जा रहा है।जिले में 592 प्राथमिक और 227 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 45 हजार और माध्यमिक विद्यालयों में करीब 23 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। इतने बड़े विद्यार्थी वर्ग के लिए भोजन की व्यवस्था नियमित रूप से बनाए रखना विद्यालयों के सामने बड़ी चुनौती है। विद्यालयों में भोजन तैयार करने का खर्च लगातार बना हुआ है, लेकिन राशि उपलब्ध नहीं होने से भुगतान संबंधी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस स्थिति पर रोष जताते हुए लंबित राशि तत्काल जारी करने की मांग की है। संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कांबोज ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को नियमित भोजन उपलब्ध करवाना आवश्यक है, लेकिन लंबे समय से राशि नहीं आने के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शिक्षकों पर पहले ही गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ है। अब भोजन की व्यवस्था के लिए धन जुटाने की जिम्मेदारी भी उनके सामने आ गई है।
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भुगतान के कारण विद्यायल के मुखिया परेशान
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, विद्यालयों को प्रतिदिन भोजन तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री खरीदनी पड़ती है। इसके लिए नियमित धनराशि की जरूरत होती है। भुगतान में देरी के कारण विद्यालय मुखियाओं को दुकानदारों के सामने असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च करने के साथ उधार लेकर काम चलाना पड़ रहा है। इससे उन पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। शिक्षक संघ ने चेताया कि बजट और राशि समय पर उपलब्ध करवाना विभाग की जिम्मेदारी है। संघ ने मई के बाद की पूरी लंबित राशि विद्यालयों के खातों में तत्काल जारी करने और भविष्य में प्रत्येक माह निर्धारित समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
मिड-डे-मील की राशि को लेकर निदेशालय से मांग की गई है। निदेशालय की ओर से यह राशि जारी की जानी है। संभव है कि इस माह लंबित राशि जारी कर दी जाए। इसके बाद परेशानी नहीं होगी।
अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।