संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रक्षाबंधन पर्व पर मुफ्त सफर की सुविधा बहनों के लिए दुविधा अधिक बनती नजर आई। सोमवार सुबह छह बजे से ही यमुनानगर, जगाधरी सहित ग्रामीण बस अड्डों पर महिलाओं की भीड़ जुटने लगी, जिसके आगे रोडवेज बसें कम पड़ती दिखीं। इससे मुफ्त सफर का लाभ उठाने बच्चों संग पहुंची महिलाओं के साथ अन्य यात्रियों को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा।
रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर रविवार दोपहर 12 से सोमवार रात 12 बजे तक महिलाओं और उनके साथ 15 साल तक के बच्चो व किशोर-किशोरी को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई। इस सुविधा के पहले दिन रविवार को बसों में भीड़ के चलते हालात कुछ हद तक नियंत्रण में रहे, पर सुविधा के दूसरे दिन सोमवार को बसों में भीड़ पहले दिन से लगभग दोगुना रही।
इसके आगे यमुनानगर डिपो की 171 ऑनरूट बसें नाकाफी लगने लगी। हालांकि निजी बसों के साथ अन्य डिपो की हरियाणा रोडवेज बसें भी यमुनानगर से होकर अलग-अलग रूटों पर चली, पर अधिकांश रूटों पर भीड़ के चलते बसों में चढ़ने को लेकर मारामारी की स्थिति में महिलाओं काफी मशक्कत हुई।
इन हालात में यह सुविधा महिलाओं को रास नहीं आई। यमुनानगर बसस्टैंड पहुंची महिला सुमन, हेमा, रीटा, अमन ने बताया कि सरकार ने रक्षाबंधन के दिन बसों में महिलाओं के लिए किराया तो माफ कर दिया, पर बसों में अधिक भीड़ होने के कारण सीट मिलना तो दूर बस में चढ़ना भी मुश्किल है। काफी संख्या में महिलाओं को बच्चों संग बसों में खड़े होकर सफर करने पर मजबूर होना पड़ा।
साथ ही कई को बसों की भीड़ से बचने के लिए निजी बसों या वाहनों को सहारा लेना पड़ा। ऐसे हालात में महिलाओं के साथ बच्चों व वृद्धों को खासी परेशानी हुई। ऐसे में सरकार को चाहिए कि अगली बार रक्षाबंधन पर्व पर बसों की संख्या अधिक बढ़ाई जाए। साथ ही जो महिलाएं किराया देकर सफर करना चाहती हैं, उनके लिए अलग बसें चलाई जाएं, ताकि वह सीट पर बैठ सफर कर सकें।
पूरा प्रयास किया गया कि महिलाओं की बसों में मुफ्त यात्रा सुगम हो। इसके लिए डिपो की 171 बसों को ऑनरूट रखा गया। मांग के मुताबिक रूटों पर बसों का संचालन किया। अधिक भीड़ वाले रूटों पर अतिरिक्त बसें चलाईं। - संजय रावल, जीएम रोडवेज, यमुनानगर डिपो।