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जुर्माना वसूलने के लिए कागजों की जांच पर पकड़ में आया फर्जीवाड़ा

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fraud - फोटो : Yamuna Nagar
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डीटीओ द्वारा ओवरलोड में पकड़े एक दो डंपरों के बिलों की जांच करने बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस ने इन फर्जी बिलों व सरकारी ई रवाना से ना केवल हरियाणा बल्कि हिमाचल प्रदेश सरकार को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अंदेशा जताया है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि हरियाणा में ओवरलोड पूरी तरह से बंद हैं और अगर कोई वाहन ओवरलोड पकड़ा जाता है तो खनन सामग्री बेचने वाले क्रशर या रॉयल्टी कंपनी पर भी जुर्माना किया जाता है। ऐसे में फर्जी बिल और एम फार्म के जरिए हिमाचल प्रदेश की खनन सामग्री दूसरे राज्यों में सप्लाई हो रही है।
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कुछ समय पहले सिरमौर पुलिस ने उत्तराखंड में छापेमारी कर एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया था। अब ताजा मामला यमुनानगर में सामने आने से हिमाचल पुलिस भी चौकस हो गई है। इस मामले में तीन व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है जिनमें से दो को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा सब इंस्पेक्टर जसवीर सिंह के नेतृत्व मे एक पुलिस टीम गठित कर दी गई है। पुलिस टीम द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है। इसमें अभी कई परतें खुल सकती है।
सब इंस्पेक्टर जसवीर सिंह का कहना है कि यमुनानगर से सटे सिरमौर जिले के पांवटा से ओवरलोड खनिज भरकर वाहन, हरियाणा, पंजाब, यूपी व उत्तराखंड के लिए निकलते हैं। शातिर लोग फर्जी ई रवाना और फर्जी बिल बनाकर करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। पुलिस के पास इसकी शिकायतें पहुंची। दरअसल ये लोग फर्जी बिल और फर्जी ई रवाना बनाकर देते थे। जिसके जरिए हिमाचल से खनन सामग्री आसानी से हरियाणा में पहुंच जाती है। इससे हरियाणा व हिमाचल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वाहन की जांच करना मुश्किल होता है, लेकिन अब चौकसी बरती जाएगी।
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थाना छछरौली प्रभारी पृथ्वी सिंह ने बताया कि आरटीओ विभाग ने छछरौली से दो गाड़ियों को ओवरलोड भरा होने की वजह से पकड़कर थाना में बंद किया था। इन गाड़ियों के बारे में पहले भी पुलिस को गुप्त सूचना मिल रही थी कि यह लोग फर्जी बिल कटवा कर एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा करते हैं। पुलिस काफी दिन से इनकी तलाश में थी। पकड़ी गई गाड़ियों की जब बिलों की जांच की गई तो पाया गया कि यह लोग पांवटा साहिब से बिल लेकर आते हैं। जब इनके द्वारा दिए गए बिलों की वेरिफिकेशन की गई तो पता चला कि यह सभी बिल फर्जी है। बिल काटने वाली फर्म का एड्रेस पावंटा साहिब के नाम से है। पुलिस टीम ने जब पावंटा जाकर वेरिफिकेशन किया तो मामले का खुलासा हुआ।
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