क्षेत्र के गांव पृथ्वीपुर में पंचायत द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्य के लिए ईंटें भेजने के नाम पर भट्टा मालिकों पर चार लाख 36 हजार रुपये हड़पने का आरोप है। सरपंच ने आरोपी भट्टा मालिकों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने कोर्ट में याचिका दायर की। जिसके बाद कोर्ट ने पुलिस को आरोपियों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए। बिलासपुर थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चार भट्टा मालिकों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
गांव पृथ्वीपुर के सरपंच दीपचंद ने बिलासपुर पुलिस थाने में दी शिकायत में बताया कि उनके गांव में 2018 में पंचायत द्वारा खेतों में जाने वाले रास्ते (गोहर) को पक्का करवाने का कार्य किया जाना था। उन्होंने पंचायती फंड से भट्टा मालिकों को ईंटों के लिए चार लाख 36 हजार रुपए दे दिए, मगर इसके बाद भट्ठा मालिकों ने ईंटें नहीं भेजी। जांच करने पर पता चला कि भट्टा मालिक गांव बुबका निवासी प्रमिला देवी, शैलेंद्र कुमार, बिलासपुर निवासी वीरसिंह व गांव चराही निवासी रामकुमार में आपस में विवाद हो गया। जिसके बाद आरोपियों ने गांव के विकास कार्य के लिए ईंटें नहीं भेजी। काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब आरोपियों ने रास्ते को पक्का करवाने के लिए ईंटें नहीं भेजी तो उन्होंने इस बारे आरोपियों से बात की मगर उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। परेशान होकर उसने शिकायत पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। जिसपर उसने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद पुलिस को चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चारों आरोपियों के खिलाफ धारा 406, 417, 420, 506 तथा 120 बी के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
जांच अधिकारी एसआई चंद्रपाल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई करेंगे।