ममीदी निवासी विलास को विदेश भेजने के नाम पर दंपति व उनके पिता ने उससे आठ लाख 13 हजार रुपये लेकर हड़प लिए। आरोपियों ने पहले ऑस्ट्रेलिया भेजने का 12 लाख 70 हजार में सौदा गया था। लेकिन इसके बाद आरोपियों ने वीजा नहीं लगने की बात कहकर पुर्तगाल भेजने की बात कहीं। आठ लाख 13 हजार रुपये लेकर आरोपियों से मलेशिया भेज दिया। जहां आरोपियों का एजेंट नहीं मिला। जिसके बाद युवक वापस आ गया। रुपये मांगने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर केस दर्जकर लिया है।
गांव ममीदी निवासी रजत ने फर्कपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका भाई विलास पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में विदेश जाना चाहता था। भाई को विदेश भेजने के लिए आठ मार्च 2019 में उसने जिला करनाल के गांव ओगंध निवासी जितेंद्र से मुलाकात की। आरोपी ने उसके भाई को ऑस्ट्रेलिया भेजने का 12 लाख 70 हजार रुपये खर्च बताया और 75 हजार पहले जमा करवाने को कहा। इस दौरान आरोपी जितेंद्र ने उसे अपने पिता जयप्रकाश व पत्नी मोनिका से मिलवाया। आरोपियों की बातों में आकर उसने एडवांस 75 हजार रुपये उनके अकाउंट में जमा करवा दिए। 21 जून 2019 को आरोपी जितेंद्र ने उसे फोन कर कहा कि उसके भाई विलास का ऑस्ट्रेलिया का वीजा नहीं लग रहा है। वह उसके भाई को डेनमार्क भिजवा देते है। इसके लिए 39400 रुपये और दे दो। उन्होंने रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी ने 17 अक्तूबर 2019 को बताया कि उसके भाई का डेनमार्क का भी वीजा नहीं लग रहा है, वे उसे इंग्लैंड भेज देते है, लेकिन इसके लिए दो लाख 30 हजार रुपये ओर देने होंगे। उन्होंने आरोपी को दो लाख 30 हजार रुपये ओर दे दिए। इसके बाद आरोपी का छह दिसंबर को फोन आया कि उसके भाई का इंग्लैंड का भी वीजा नहीं लग रहा है, वे उसके भाई को यूरोप भेज देंगे। इसके लिए तीन लाख 30 हजार रुपये ओर लगेंगे। उसने वो भी आरोपी के खाते में जमा करवा दिए। इसके बाद 25 जनवरी को तीनों आरोपी उसके घर आए। उन्होंने उससे कहा कि उसके भाई का वीजा लगने में बहुत दिक्कत आ रही है। अब वे उसके भाई को फाइनली पुर्तगाल भेज देते है। लेकिन इसके लिए एक लाख 38 हजार रुपये और खर्च आएंगे। आरोपियों की बातों में आकर उसने ये राशि भी उन्हें दे दी। ऐसा कर उन्होंने आरोपियों को कुल आठ लाख 13 हजार रुपये दे दिए। आरोपियों उसे बताया कि पुर्तगाल जाने के लिए पहले मलेशिया जाना होगा जहां उनका एक व्यक्ति उसके भाई को मिलेगा। वह उसे यूरोप लेकर चला जाएगा। 11 फरवरी को आरोपियों ने उसके भाई को मलेशिया भेज दिया मगर वहां पर उसे कोई व्यक्ति नहीं मिला। उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया, लेकिन उनका फोन नहीं मिला। जिसके बाद उसका भाई अगली फ्लाइट से वापस दिल्ली आ गया। वे सीधा आरोपी के घर गए। जहां आरोपियों ने अपनी गलती मानी और उन्हें साढे़ पांच लाख रुपये के दो चेक दिए। बाकी रुपये नकद देने की बात कहीं। जब उन्होंने चेक बैंक में लगाए तो वह डिस्ऑनर हो गए। इसके बाद उन्होंने आरोपियों ने अपने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने रुपये देने से भी मना कर दिया। जब उन्होंने रुपये लेने के लिए दोबारा फोन किया तो उसकी आरोपी पत्नी ने छेड़छाड़ के केस में फसाने की धमकी दी। परेशान होकर उसने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 406, 420, 506 व 10 इमीग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
जांच अधिकारी एसआई दल सिंह का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।