संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। साइबर अपराधियों ने जगाधरी के अंसल टाउन निवासी और सिविल अस्पताल से रिटायर्ड एक डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर करीब 1.42 करोड़ की ठगी कर ली। करीब 18 दिन तक ठगों के झांसे में रहे डॉक्टर ने खुद को सरकारी जांच के दायरे में समझते हुए उनके हर निर्देश का पालन किया। बाद में सच्चाई का पता चलने पर साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई।
डाक्टर के अनुसार तीन जून को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी का अधिकारी बताते हुए कहा कि एक अपराधी के पास से उनके दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों और संदिग्ध लेन-देन में किया गया है। इसके बाद गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उन्हें कथित जांच प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया।
ठगों ने डॉक्टर और उनकी पत्नी को घर से बाहर नहीं निकलने, किसी से बात नहीं करने और मोबाइल का कैमरा लगातार ऑन रखने के निर्देश दिए। दोनों को लंबे समय तक वीडियो कॉल पर रखकर मानसिक दबाव बनाया गया। डर के माहौल में डॉक्टर ने तीन जून से 18 जून के बीच कई किश्तों में अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.42 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कर दी।
इस दौरान उन्होंने अस्पताल जाना और परिचितों से संपर्क करना भी लगभग बंद कर दिया। बाद में संदेह होने पर उन्होंने साइबर थाना में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ट्रांसफर की गई रकम और उससे जुड़े बैंक खातों के साथ पूरे साइबर गिरोह की पड़ताल कर रही है।
साइबर ठगों ने डॉक्टर को बताया कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल अवैध लेनदेन और संदिग्ध गतिविधियों में हुआ है। उन्होंने धमकी दी कि यदि जांच में सहयोग नहीं किया गया तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। इसी डर का फायदा उठाकर ठगों ने उन्हें मानसिक दबाव में रखा और कथित जांच के नाम पर लगातार अपने निर्देशों का पालन कराते रहे।
वीडियो कॉल से रखते थे निगरानी
डिजिटल अरेस्ट के दौरान साइबर ठगों ने डाक्टर और उनकी पत्नी को घर से बाहर नहीं निकलने के निर्देश दिए थे। जरूरत का सामान लेने के लिए बाहर जाने की स्थिति में भी उन्हें मोबाइल का कैमरा ऑन रखकर वीडियो कॉल जारी रखने को कहा जाता था। ठग लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे, जिससे दोनों पूरी तरह मानसिक दबाव और भय के माहौल में रहे।
कोई खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डराए या धन ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाए, तो उसकी बातों में न आएं। ऐसे मामलों की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें। - कमलदीप गोयल, एसपी यमुनानगर।