संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में साइबर और वीजा ठगी के दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों ने लोगों से लाखों रुपये ठग लिए। एक मामले में एआई तकनीक का इस्तेमाल कर केंद्रीय वित्त मंत्री की फर्जी वीडियो दिखाकर निवेश के नाम पर 38 लाख रुपये की ठगी की गई। दूसरे मामले में ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर 6.16 लाख रुपये हड़प लिए गए। पुलिस ने दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले मामले में जगाधरी के हुड्डा सेक्टर-17 निवासी विनोद राणा ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 19 मार्च 2025 को उसे एक अज्ञात नंबर से मैसेज मिला। मैसेज पर क्लिक करते ही वह एक ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ गया, जहां निवेश के जरिए भारी मुनाफा कमाने के दावे किए जा रहे थे। आरोपियों ने खुद को कंपनी प्रतिनिधि बताते हुए उसे निवेश के लिए तैयार किया।
विश्वास दिलाने के लिए ठगों ने एआई से तैयार केंद्रीय वित्त मंत्री की फर्जी वीडियो दिखाई, जिसमें निवेश पर ज्यादा लाभ का दावा किया गया था। इसके झांसे में आकर पीड़ित ने मार्च 2025 से फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग किश्तों में करीब 38 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उसने मुनाफा मांगा तो आरोपियों ने पैसे देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ठगी का खुलासा हुआ।
ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 6.16 लाख हड़पे
दूसरे मामले में गांव पांसरा निवासी सोहित कुमार ने सदर यमुनानगर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह टूरिस्ट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया जाना चाहता था। इस दौरान उसकी मुलाकात चंडीगढ़ सेक्टर-17 डी निवासी हरमनप्रीत कौर और मोहाली के एसएएस नगर, नया गांव कांंसली निवासी अक्षय वर्मा से हुई। आरोपियों ने खुद को वीजा कंसल्टेंट बताते हुए उसे विदेश भेजने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि दोनों ने अलग-अलग किश्तों में उससे 6.16 लाख रुपये ले लिए, लेकिन न तो वीजा दिलवाया और न ही ऑस्ट्रेलिया भेजा। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने मना कर दिया और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें : एसपी
यमुनानगर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ठग अब एआई तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो और मैसेज के जरिए लोगों को झांसे में ले रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। एसपी कमलदीप गोयल का कहना है कि ठग अक्सर अनजान नंबरों से मैसेज भेजकर लोगों को लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं। जैसे ही व्यक्ति लिंक खोलता है, उसे फर्जी ग्रुप या वेबसाइट से जोड़कर निवेश, लॉटरी या नौकरी के नाम पर ठगी की जाती है। कई मामलों में बड़े नेताओं या नामी हस्तियों की एआई से तैयार वीडियो दिखाकर भरोसा दिलाया जाता है। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं। संवाद