बिलासपुर। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की रेड में रानीपुर गांव में शाकुंभरी स्क्रीनिंग प्लांट पर दो करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिसको लेकर पुलिस ने प्लांट के संचालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
पुलिस को दी शिकायत में टीम के अधिकारी जय कुमार, गुरमीत सिंह ने बताया कि रानीपुर स्थित शाकुंभरी स्क्रीनिंग प्लांट के मालिक यमुनानगर निवासी मोहित व उसका पार्टनर दीपक अपने स्क्रीनिंग प्लांट पर छह महीने से किसी भी प्रकार ही खनिज सामग्री न रखकर अवैध तरीके से गाड़ियों के ई-रवाना बिल काटकर विभिन्न स्क्रीनिंग प्लाटों व क्रशरों के मालिकों को खनन सामग्री बेच रहे हैं। निरीक्षण के मौका पर एक चौकीदार हाजिर मिला जो टीमों को देखकर वहां से फरार हो गया। खनन निरीक्षक ने पोर्टल पर ई-रवाना की डिटेल की जांच की तो पोर्टल पर 17 सितंबर से नौ अक्तूबर तक ई-रवाना काटे हुए पाए गए। प्लांट के मालिक द्वारा 226805 टन गटका व अन्य खनिज कई स्क्रीनिंग प्लाटों को अवैध रूप से बेचा गया। जिसकी कीमत दो करोड़ 19 लाख 52455 रुपये है । शाकुंभरी स्क्रीनिंग प्लांट के माध्यम से रूद्र स्टोन क्रशर, श्री गणेश स्टोन क्रशर, एचयूएम क्रशर व अन्य के मालिकों को खनन सामग्री बेचा गया है। आरोपियों ने मिलीभगत करके सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया। साथ ही प्लांट पर बिजली चोरी भी पकड़ी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।