संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अमेरिका भेजने के नाम पर एक युवक से 60 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। गांव अंटावा निवासी युवक को आरोपियों ने अफ्रीका और यूरोप होते हुए डंकी रूट से अमेरिका पहुंचाया, जहां उसे करीब आठ महीने तक बंधक रखा गया। युवक की शिकायत पर पुलिस ने हरविंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, पीयूष राणा, अंकुश, शुभम और अर्श के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़ित सूर्य प्रताप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अमेरिका जाना चाहता था। इसी दौरान उसके मौसी के लड़के के माध्यम से उसकी मुलाकात हरविंद्र सिंह से हुई। हरविंद्र ने खुद को विदेश भेजने का अनुभवी एजेंट बताते हुए दावा किया कि वह पहले भी कई युवकों को अमेरिका और अन्य देशों में भेज चुका है, जो आज लाखों रुपये महीना कमा रहे हैं। उसके झांसे में आकर अमेरिका जाने की सहमति दे दी।
अमेरिका भेजने के बदले हरविंद्र ने 60 लाख रुपये की मांग की और तीन महीने में अमेरिका पहुंचाने का भरोसा दिलाया। अगस्त 2024 में हरविंद्र और भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सभी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है और पैसों का इंतजाम कर लिया जाए। इस पर पीड़ित ने 15 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए।
सितंबर 2024 में आरोपियों ने उसे दिल्ली से मुंबई और फिर गांबिया भेज दिया, जहां वह करीब ढाई महीने तक रहा। इसके बाद उसे स्पेन पहुंचाया गया। इस दौरान आरोपियों ने उससे 20 लाख रुपये नकद और 10 लाख रुपये पियूष राणा के खाते में जमा करवा लिए। जनवरी 2025 में उसे स्पेन से निकारागुआ भेजा गया, जहां से डंकी एजेंटों के जरिए जंगलों के रास्ते मेक्सिको ले जाया गया।
पीड़ित का आरोप है कि वहां एजेंटों ने उसे अगवा कर लिया और उसका मोबाइल फोन, पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज छीन लिए। करीब आठ महीने तक उसे बंधक बनाकर रखा गया, मारपीट की गई और जान से मारने की धमकियां दी गईं। जब उसने भारत लौटने की इच्छा जताई तो जबरन अमेरिका बॉर्डर पार करवा दिया गया, जहां अमेरिकी पुलिस ने उसे पकड़ लिया और बाद में भारत डिपोर्ट कर दिया। भारत लौटने पर जब उसने आरोपियों से संपर्क किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।