विदेश भेजने के नाम पर दंपति ने चार युवकों से 25 लाख रुपये ठग लिए। पहले आरोपी दंपति ने एक मेलबर्न भेजने की बात कहकर उन्हें क्वीन्सलैंड भेज दिया। इसके बाद अमेरिका भेजने के नाम पर रुपये ले लिए, लेकिन उन्हें न तो अमेरिका भेजा और न ही किसी अन्य विदेश। जब युवकों ने रुपये मांगे तो आरोपियों ने उन्हें रुपये देने से मना कर दिया। परेशान युवकों ने आरोपी दंपति के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने बिलासपुर के जोगिवाड़ा गांव निवासी सुरेंद्र कौर व उसके पति कर्मबीर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
गांव मानकपुर निवासी ओम सिंह ने थाना बिलासपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कर्मबीर सिंह रणजीतपुर अनाज मंडी में आढ़ती है। कर्मबीर से उसकी जान पहचान थी। इसी दौरान उसे पता चला कि कर्मबीर अपनी पत्नि सुरेंद्र कौर के साथ मिलकर युवाओं को विदेश भेजने का काम करता है। उसके भाई नक्षत्र सिंह ने जितेंद्र को मेलबर्न भेजने की इच्छा जताई। इस बारे में सुरेंद्र कौर व कर्मबीर से बात की तो उन्होंने 12 लाख रुपये खर्च आने की बात कही। दो किस्तों में उन्होंने रुपये उन्हें दे दिए। 23 अगस्त 2008 को उन्होंने जितेंद्र को मेलबर्न की बजाय आस्ट्रेलिया के क्वींसलेंड राज्य में भेज दिया। भाई नक्षत्र सिंह को जब इसका पता चला तो सदमे से उनकी मौत हो गई। वर्ष 2014 में सरकार की मदद से जितेंद्र को वापस लाया गया। इस बारे कर्मबीर से बात की तो उसने बताया कि वे जितेंद्र की शाद4ी कर दें। क्योंकि मेलबर्न जाने के लिए शादीशुदा होना जरूरी है। 2015 में उन्होंने जितेंद्र की शादी कर दी। जितेंद्र के अलावा गांव फतेहगढ़ तुंबी के बलकार सिंह, रवि कुमार व भमनौली के सुशील कुमार को भी विदेश भेजने पर सहमती हुई। सभी को अमेरिका भेजने के लिए आरोपी ने 13 लाख रुपये लिए। लेकिन इसके बाद आरोपियों ने उन्हें अमेरिका नहीं भेजा। जब उन्होंने आरोपियों से बातचीत की तो आरोपी कोई न कोई बहाना बनाकर उन्हें टालता रहा। इसी दौरान आरोपियों ने नोटबंदी का भी बहाना बनाया। कुछ दिन पहले जब वे अपने रुपये वापस मांगने गए तो उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गई। मजबूरन उन्होंने थाने में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर चंद्रपाल का कहना है कि आरोपी दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई करेंगे।