संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चार लोगों ने गलत पते व नाम पर फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनवा लिए। इनमें से दो आरोपियों ने लगभग एक लाख 80 हजार रुपये का इलाज भी करवा लिया। विभाग ने जांच की तो आरोपियों की धोखाधड़ी का पता चला। विभाग की तरफ से आरोपियों को रिकवरी के लिए नोटिस भेजे गए लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद सिविल सर्जन डा. मनजीत सिंह की ओर से एसपी को पत्र भेजा गया। पुलिस ने मामले में चारों आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिविल सर्जन डा. मनजीत सिंह ने एसपी को भेजी शिकायत में बताया कि उनके कार्यालय को आयुष्मान भारत के सीईओ की ओर से पत्र भेजा गया था। पत्र में कहा गया कि सुरेंद्र सिंह, उर्मिला, भूरिया रानी व मिथलेश ने फर्जी तरीके से आयुष्मान भारत योजना का कार्ड बनवाया हुआ है। इसमें से सुरेंद्र सिंह जिनकी आईडी पीएमवी सात एक्सजे नौ एडब्ल्यू है। उसने सोहाना अस्पताल से एक लाख 39 हजार 725 रुपये का इलाज कराया है।
आरोपी ने गलत जानकारी देकर आयुष्मान कार्ड बनवाया और गलत तरीके से योजना का लाभ लेकर सरकार को चूना लगाया। उसे रिकवरी के लिए नोटिस भेजा गया, लेकिन उसने रुपये जमा नहीं कराए। इसी तरह से मिथलेश जिसकी आइडी पीएनजेडओपी छह बीएमएक्स है ने भी 47 हजार 209 रुपये का इलाज लिया। उसने भी रिकवरी नोटिस का जवाब नहीं दिया।
वहीं भूरिया रानी व उर्मिला ने फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनवाया है। जबकि वह पात्रता की श्रेणी में नहीं है। इस शिकायत पर शहर पुलिस ने चारों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एसआई शमशेर सिंह का कहना है कि चारों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।