संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राइस मिलों में हुए 75 करोड़ के धान घोटाले में हैफेड ने यमुनानगर में तैनात सीनियर मैनेजर सलिंद्र, दो फील्ड इंस्पेक्ट राजेश व चंद्रमोहन और टेक्नीकल ऑफिसर अनिल कुमार को निलंबित कर दिया है। इतना ही नहीं सभी की मेजर पेनल्टी में चार्जशीट भी तैयार की जा रही है। आरोप है कि फील्ड में ड्यूटी लगी होने के बावजूद सभी ने लापरवाही बरती।
निलंबन के दौरान सीनियर मैनेजर को हैफेड के पंचकूला मुख्यालय और बाकी तीनों को कुरुक्षेत्र कार्यालय से अटैच किया गया है। धान घोटाल में इसे अभी तक की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, क्योंकि खाद्य एवं आपूर्ति ने अभी तक इस मामले में किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया है। हालांकि तीन इंस्पेक्टर के खिलाफ चार्जशीट करने का मसौदा डीएफएससी की तरफ से मुख्यालय भेजा है।
सीनियर मैनेजर, इंस्पेक्टर व टेक्नीकल ऑफिसर फील्ड में रहते हैं। बावजूद इन्होंने अपना काम ठीक से नहीं किया। हैफेड डीएम के अनुसार मामले में इन कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई।
इन्हें फील्ड में रहते हुए देखना था कि मंडियों में जो धान खरीदा गया वह राइस मिलों में ठीक से रखा है या नहीं। मिलों में जाकर जांच नहीं की गई। धान की पॉलिसी के अनुसार इन्होंने काम नहीं किया। इसके लिए सभी को मिलों में जाकर जांच करने के लिए पत्र भी जारी किए गए थे, लेकिन इन्होंने अपना काम ठीक से नहीं किया। इसलिए सभी को निलंबित कर दिया गया है।
कोर्ट में अब 20 जनवरी को होगी सुनवाई
प्रतापनगर की चार राइस मिलों में रखे धान को हैफेड को दिया जाए या फिर डीएफएससी को इस पर अभी सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 जनवरी 2026 को होगी। हालांकि दोनों ही खरीद एजेंसियों के वकीलों की तरफ से अदालत में एक से बढ़कर एक दलील दी गई। यह भी सामने आया कि डीएफएससी ने हैफेड से ज्यादा धान राइस मिलों में दिया। आरोपी की प्रतापनगर स्थित चारों राइस मिलें एक ही परिसर में है। मौके पर जो धान बचा हुआ है उनकी बोरियों पर यह अंकित नहीं है कि कौन से बैग हैफेड के हैं और कौन से डीएफएससी के। डीएफएससी की तरफ से 38,960 क्विंटल धान को सुपरदारी पर जारी करने का अधिकार बताया। इस पर हैफेड के वकील ने राइस मिलर के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। कहा गया कि पूरी बोरियों को हड़पने के लिए झूठा दस्तावेज बनाए गए हैं। हालांकि डीएफएससी की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि अगर राइस मिलों में बचा धान डीएफएससी और हैफेड के बीच बराबर-बराबर बांटा जाता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
हैफैड के सीनियर मैनेजर, दो इंस्पेक्टर व एक टेक्नीकल ऑफिसर को विभाग ने निलंबित कर दिया है। सभी ने अपना काम ठीक से नहीं किया। इसलिए सभी के खिलाफ मेजर पेनल्टी में चार्जशीट भी तैयार की जा रही है। राइस मिलों में जाकर नियमित जांच करने के लिए पत्र भी जारी किए गए थे, बावजूद इसके लापरवाही बरती गई। - उधम सिंह, डीएम, हैफेड यमुनानगर।