संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सोमनदी के उफान का पानी उतर जाने के पश्चात खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों के खेतों में रेत व गाद जमा हो गई है। किसानों ने प्रशासन से विशेष गिरदावरी कर उचित मुआवजे की मांग की है।बाढ़ के पानी से गांव मुजाफ्त, रूकाली, बनकट, रामगढ़, सहित एक दर्जन से अधिक गांवों की 350 एकड़ धान व गन्ने की फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई है।
ग्रामीण जगीर सिंह, बलबीर सिंह, सुखविंद्र सिंह, बिरम पाल, मनदीप सिंह का कहना है कि सोमनदी के उफान का पानी उनके खेतों में प्रवेश कर गया। इससे खेतों में पानी के साथ रेत व गाद जमा हो गई है।किसानों का कहना है कि उन्होंने हजारों रुपये लागत से धान, गन्ने व पशुओं के चारे की फसल को तैयार किया था जो सोमनदी के उफान के साथ आई रेत व गाद में दब गई। इतनी रेत को खेत से निकाला नहीं जा सकेगा। इसका विपरीत असर धान व गन्ने की उपज पर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से तुरंत मौके का मुआयना कर विशेष गिरदावरी करवा मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
वहीं गांव मलिकपुर, बसातियांवाला, रूकाली के समीप लगते गांवों के किसान प्रदीप कुमार, कुलदीप कुमार, सौरभ राणा ने कहा कि धान, गन्ने की फसल में दो से तीन फीट तक पानी अभी भी भरा हुआ है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। जिस कारण किसानों की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि उनके खेतों से पानी निकासी को लेकर जो पंपिंग सेट लगाए हैं वह पर्याप्त नहीं है। पंपिंग सेट के माध्यम से खेतों से पानी निकासी नहीं हो सकती। किसानों ने प्रशासन से खेतों से पानी निकासी को लेकर समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।