मानसून सीजन में अधूरे काम लोगाें पर पड़ सकते हैं भारी
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। शेखूपुरा (सिंहपुरा) में ठेकेदार की लापरवाही के चलते बाढ़ राहत कार्य में ढील बरती जा रही है। ऐसे में न पत्थर का काम पूरा हो पा रहा है और न ही अन्य काम पूरे हुए हैं। इससे ग्रामीणों में ठेकेदार व सिंचाई विभाग के प्रति रोष है।
ठेकेदार की लापरवाही से बाढ़ राहत कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाएंगे। सिंचाई विभाग ने पिछली बरसात में नदियों में आई बाढ़ से हुए कटाव को बचाने के लिए करोड़ों का बजट जारी किया गया था। जिसके चलते भूमि कटाव रोकने के लिए पत्थर के स्ट्ड लगाने का कार्य शुरू किया गया था।
अधिकतर साइटों पर ठेकेदारों ने पत्थर भी पूरा सप्लाई नहीं किया। जिसके चलते बाढ़ राहत कार्यों में देरी होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बाढ़ राहत कार्यों में गुणवत्ता व मात्रा में भी मिलावट की आशंका है। उधर ठेकेदार खनन जोन बंद होने का भी बहाना बना रहे हैं। ठेकेदारों ने साइट पर काम न शुरू करने से ग्रामीणों में भी भय का माहौल बना हुआ है।
यदि बरसात में नदियों में बाढ़ का पानी आ गया तो पिछले वर्ष की तुलना में इस सीजन नुकसान अधिक हो सकता है। सिंचाई विभाग पे पिछले वर्ष के ही नुकसान की रोकथाम के लिए कार्य नहीं किया गया। जिले में 50 से अधिक साइटों पर काम होना है। कई जगह पर पत्थर पूरा किया का चुका है।
वहीं छछरौली के सिंहपुरा शेखुपुरा समेत कई जगहों अभी पत्थर पूरा भी नहीं हुआ है। इससे पहले ही पत्थर में गुणवत्ता और मात्रा पर सवाल उठने लगे हैं। इस बारे में सिंचाई विभाग के एससी आरएस मित्तल से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।