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पांच घंटे तक हवा में लटके रहे पांच युवक

Tue, 24 Jun 2014 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर।
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शिवालिक की तलहटी में बने आदि बद्री नारायण मंदिर में दर्शन करने आए यमुनानगर के पांच युवक पहाड़ी क्षेत्र में ट्रैंकिंग के दौरान पैर फिसलने से हवा में लटक गए।
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ग्रामीणों द्वारा करीब पांच घंटे तक चलाए गए रेस्क्यू आपरेशन के बाद उन्हें बचाया जा सका। इस दौरान पुलिस के आला अधिकारी, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस मौके पर पहुंची।

यमुनानगर के करीब दस युवक रविवार शाम आदिबद्री नारायण मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद युवक पहाड़ी पर ट्रैकिंग करने के लिए ऊपर मंत्रा देवी मंदिर की ओर चढ़ने लगे। ये युवक अपने साथ ट्रैकिंग का सामान लेकर आए थे।
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जमीन से करीब 1700 फुट ऊपर पहाड़ी पर पहुंचने के बाद आठ युवकों ने पेड़ और अपनी कमर पर ट्रैकिंग का रस्सा बांधा और पहाड़ी से नीचे उतरने लगे। उस समय करीब सात बज रहे थे। नीचे उतरते समय तीन युवक घबरा गए और वापस ऊपर लौट गए, जबकि पांच युवक रस्सी के सहारे नीचे उतरते रहे। इस दौरान इनका संतुलन बिगड़ गया इनके हाथ से वह रस्सी छूट गई जिसके सहारे वे नीचे उतर रहे थे।

इसके बाद पांचों युवक कमर में बंधी रस्सी के सहारे हवा में लटक गए। हवा में लटके युवकों में सरोजनी कॉलोनी का अनूप, आजाद नगर का प्रकाश, थापर कॉलोनी के रवि गिरी और अभय गिरी तथा परशुराम चौक का सेवा शामिल था। इन युवकों ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। पहाड़ी पर मौजूद ग्रामीण उनकी आवाज सुनकर वहां पहुंच गए। लेकिन हवा में लटके युवकों को देखकर उनके भी हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव के सरपंच विनय स्वरूप ब्रह्मचारी को इसकी सूचना दी।

सरपंच ने रणजीतपुर चौकी में इस बारे में बताया और कुछ ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए। पहाड़ी पर लटके युवकों को देखकर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी। तब तक अंधेरा हो चुका था। कुछ देर में ही डीएसपी अजय राणा, रणजीतपुर चौकी इंचार्ज ऋषिपाल और अन्य पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। किसी को यह नहीं सूझ रहा था कि हवा में लटके युवाआें को नीचे कैसा उतारा जाए।

सरपंच और ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला
सरपंच विनय स्वरूप ब्रह्मचारी ने गांव से रस्सी मंगवाई और रात करीब 8:00 बजे नौ ग्रामीणों को साथ लेकर ऊपर पहाड़ी की ओर चढ़ने लगे। ऊपर पहुंचकर एक पेड़ से रस्सी बांधी गई और दो ग्रामीण रस्सी पर लटककर नीचे लटक रहे युवकों की ओर बढ़ने लगे।

इस दौरान घना अंधेरा हो चुका था। रोशनी के लिए पहाड़ी के नीचे मौजूद पुलिस ने मोटरसाइकिल को तिरछा कर उसकी हेड लाइट की रोशनी ऊपर तक पहुंचाई। इस दौरान ऊपर लटके युवक पानी के लिए चिल्लाने लगे। तुरंत ही दो अन्य ग्रामीण  पानी की बोतल लेकर रस्सी के सहारे नीचे उतरने लगे। हवा में लटके दो युवक अर्द्ध बेहोशी की हालत में हो गए थे। ग्रामीणों ने उन तक पहुुंचकर उन्हें पानी पिलाया। इसके बाद फिर से युवकों को बचाने का अभियान शुरू हुआ।


अंधेरा होने के कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कत पेश आई। रस्सी के सहारे नीचे उतरे ग्रामीणों ने धीरे-धीरे एक-एक कर पांचों युवकों को पहले रस्सी के सहारे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें ऊपर खींच लिया गया। करीब 12:30 बजे तक पांचों युवकों को सुरक्षित ऊपर ले जाया गया। करीब पांच घंटे तक हवा में लटके रहने के कारण पांचों युवकाें की हालत काफी बिगड़ चुकी थी। पानी पिलाने और कुछ देर पहाड़ी पर आराम करनेे के बाद युवकों की हालत स्थिर हुई और वे ग्रामीणों की मदद से पहाड़ी से नीचे उतर आए। उनके नीचे आने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। पूरे अभियान के दौरान ग्रामीणों की जान भी खतरे में पड़ी रही।

इन्होंने बचाई युवकों की जान
युवकों को बचाने वाली टीम में सरपंच विनय स्वरूप ब्रह्मचारी के अलावा बबलू नंबरदार, अनिल, सुखबीर पीपलीवाला, अनिल काठगढ़, भूषण रंजीतपुर, प्रकाश काठगढ़, नसीब, संजू और नीटू शामिल थे। अभियान के दौरान पहाड़ी पर फिसल जाने के कारण सरपंच चोटिल भी हो गए।
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