यमुनानगर। कृषि विभाग में भाई को क्लर्क की नौकरी दिलवाने के नाम पर पांच लोगों ने सेक्टर 17 निवासी सत्यवान से आठ लाख रुपये ठग लिए। आरोप लघु सचिवालय चंडीगढ़ में तैनात राजकुमार समेत पांच लोगों पर लगा है। पुलिस ने आरोपी राजकुमार और बाप-बेटे समेत पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है।
सेक्टर-17 निवासी सत्यवान ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह एसबीआई में नौकरी करता है। उसके दोस्त उमेश शर्मा का लोन दिलाने का काम है। उसने महिला थाना के सामने कार्यालय बनाया है। उमेश शर्मा ने 24 जून 2020 को उसे अपने कार्यालय में बुलाया। वहां पर उसकी मुलाकात गांव छलौर निवासी यज्ञदत्त, उसके बेटे गौरव, गांव पीरुवाला निवासी रामनाथ, सरस्वती विहार कालोनी कांसापुर निवासी समय सिंह व राजकुमार से हुई। उन्होंने बताया कि राजकुमार चंडीगढ़ लघु सचिवालय में तैनात है। उसकी सरकार में अच्छी चलती है और वह सरकारी नौकरी लगवा देगा। तब उन्होंने कहा कि कृषि विभाग में क्लर्क के 10 पद खाली हैं।
उसने अपने भाई राजीव को नौकरी लगवाने की बात कही। बात पक्की होने पर तीन जुलाई को वह दोस्त उमेश के साथ चंडीगढ़ गया। वहां पर उन्हें समय सिंह मिला। उसने वहां लघु सचिवालय में तैनात राजकुमार से मिलवाया। आठ लाख रुपये में नौकरी लगवाने की बात हुई। उन्हें टोकन मनी देने को कहा तो 50 हजार रुपये उन्हें दे दिए। इसके बाद आरोपियों के कहने पर यज्ञदत्त के बेटे के खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बाद में कई किश्तों में बाकी रकम ले ली। जब लिस्ट आउट हुई तो उसमें उसके भाई का नाम नहीं था। इस पर उन्होंने आरोपियों से रुपये मांगे तो देने से मना कर दिया और धमकी दी। उन्होंने इसकी शिकायत 10 अक्तूबर को सीएम विंडो पर दी थी। मामले की जांच आर्थिक सेल ने की। जांच रिपोर्ट के आधार पर सेक्टर 17 थाना पुुलिस ने गांव छलौर निवासी यज्ञदत्त, उसके बेटे गौरव, गांव पीरुवाला निवासी रामनाथ, सरस्वती विहार कालोनी कांसापुर निवासी समय सिंह और चंडीगढ़ मिनी सचिवालय में तैनात राजकुमार पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्जकर लिया है। सेक्टर 17 थाना प्रभारी रामफल का कहना है कि केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।