संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक पास परमिट पर दो बार शराब सप्लाई करने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के मामले में गिरफ्तार शराब ठेकेदार नारनौल के न्यू मंडी निवासी महेश गुप्ता से एसआईटी ने रिमांड के दौरान पांच लाख रुपये बरामद किए है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ठेकेदार महेश गुप्ता के नारनौल व गुरुग्राम में भी शराब के ठेके रहे हैं। उसकी आबकारी विभाग व फैक्ट्री के अधिकारियों से मिलीभगत है।
आरोपी महेश गुप्ता इस फर्जीवाड़ा की मुख्य कड़ी है। शराब फर्जीवाड़ा का प्रकरण सामने आने के बाद महेश गुप्ता दुबई भाग गया था। उसे एसआईटी ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया हुआ है। एसआईटी आरोपी से पूछताछ कर रही है। सीआईए वन की टीम ने 21 जून की शाम को नेशनल हाईवे 344 पर पिरथी का माजरा के पास से शराब की 1200 पेटियां से भरे ट्रक को पकड़ा था। यह शराब की पेटियां एनवी फैक्ट्री से रिंकू सिंह के एल-13 गोदाम स्कॉच स्टेशन वाइंस जगाधरी पर सप्लाई की जानी थी।
जब पेटियों के बार कोड को स्कैन किया गया तो पता लगा कि यह शराब की पेटियां एल-13 मैसर्स स्काॅच स्टेशन वाइंस जगाधरी में पहले से ही छह बजकर 11 मिनट पर स्टाक इन दिखा रही हैं। वहीं इस गाड़ी को शराब की पेटियों सहित पांच बजकर 25 मिनट पर पहले ही रोक कर चेक गया। क्यूआर कोड के अनुसार एक ही गाड़ी नंबर और शराब दोनों जगह होना संभव नहीं है।
इस मामले में अब तक पुलिस ने ट्रक चालक हसनपुर निवासी रामअवतार, एल-13 गोदाम का मुंशी सुशील, शराब फैक्ट्री का सेल्स मैनेजर मनोज महाजन, आईटी हेड जितेंद्र गुलाटी, एनआईसी पंचकूला का अनुबंधित कर्मी अक्षय, जीएम अकाउंट उमेश शर्मा, जीएम घनानंद चमोली, शराब ठेकेदार रिंकू, बृजपाल राणा, आबकारी विभाग के एईटीओ अनिल वर्मा, इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार व एएसआई सतपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।