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Yamuna Nagar News: तीर्थराज कपालमोचन में पांच दिवसीय मेला शुरू, आठ लाख श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद

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कार्यक्रम की विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित करती आयुक्त रेेणू एस फुलिया व अन्य अ​धिकारी। डीआईप
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कपालमोचन। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक कपालमोचन में राज्यस्तरीय मेला वीरवार को शुरू हो गया। यह मेला 23 से 27 नवंबर तक रहेगा। गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व एवं कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु 26 नवंबर की रात 12 बजे ऋणमोचन, कपालमोचन व सूरजकुंड सरोवर में स्नान करेंगे। मेला शुरू होने से पहले ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में कपालमोचन पहुंचने शुरू हो गए थे। पहले दिन करीब 50 हजार श्रद्धालु देर रात तक मेले में पहुंच चुके थे।
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मेले में करीब आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इनमें से 70 प्रतिशत श्रद्धालु केवल पंजाब से ही आते हैं। बाकी हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली व अन्य राज्यों से पहुंचेंगे। कपालमोचन मेले का उद्घाटन अंबाला मंडल की आयुक्त रेेणू एस फुलिया ने प्रदर्शनी गेट पर रिबन काटकर किया। उन्होंने प्रदर्शनी में सरकारी विभागों सहित अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। प्रदर्शनी स्थल में आयुक्त ने डीसी कैप्टन मनोज कुमार, एसपी गंगा राम पूनिया, मेला प्रशासक एवं बिलासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल और श्राइन बोर्ड के सदस्यों के साथ हवन में आहुतियां डालकर मेला के सफल आयोजन की कामना की। वहीं, साधु संतों ने अपने परंपरागत तरीके से पंचभीखी शाही स्नान के साथ इसका शुभारंभ किया। विभिन्न जगहों से आए साधु-संतों ने मेला परिसर में ऋणमोचन, कपालमोचन व सूरजकुंड सरोवर में स्नान किया।
कपालमोचन मेला क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटा गया है। बिजली, पानी, साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था की गई है। ऋणमोचन, कपालमोचन व सूरजकुंड सरोवरों में स्वच्छ पानी भरा गया है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस के 2000 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। मेला के प्रत्येक क्षेत्र में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। मेला क्षेत्र में सभी व्यवस्थाओं एवं प्रबंधों को पूरा करने के लिए करीब 4000 अधिकारी एवं कर्मचारी लगाए गए हैं।
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गुरु गोबिंद सिंह ने दिया भा प्रकाश पर्व मनाने का हुकुम
सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह 52 दिन तक कपालमोचन में रहे थे। 1584 में गुरु नानक देव जी हरिद्वार से आते हुए कपालमोचन में रुके थे। गुरु गोबिंद सिंह ने संगत को कपालमाेचन में गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाने का हुकुम दिया था। साथ ही कहा था कि कपालमोचन में प्रकाश पर्व मनाने वाले हर व्यक्ति की मनोकामना पूरी होगी। यही कारण है कि पंजाब से आए लाखों श्रद्धालु हर साल पांच दिन तक कपालमोचन में ही रहते हैं। कपालमोचन में गुरुद्वारा पहली व दसवीं पातशाही बना हुआ है। इसके अलावा महाभारत का 18 दिन युद्ध चलने के उपरांत पांडवों ने कपालमोचन में पहुंचकर ऋण मोचन सरोवर में अपने अस्त्र-शस्त्र धोए थे और युद्ध में मारे गए अपने परिजनों की मुक्ति की कामना की थी। कपालमोचन मेला से सिख श्रद्धालु पांवटा साहिब में गुरुद्वारा साहिब में दर्शनों के लिए भी जाते हैं। गुरुपर्व एवं कार्तिक पूर्णिमा को तीनों सरोवरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है।


प्रदर्शनी स्थल में रोजाना होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रदर्शनी स्थल के बीचों बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम मंच की स्थापना की गई है। जहां सूचना, जन संपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की भजन पार्टियों के कलाकार दिन व रात के समय यात्रियों एवं श्रद्धालुओं का गीतों-भजनों आदि के माध्यम से भरपूर मनोरंजन करेंगे। इसके साथ-साथ विकास गीतों के माध्यम से सरकार के नौ वर्ष की नीतियों की जानकारी भी दी जाएगी। मेला प्रशासन ने मुख्य अतिथि, मेला प्रशासन के अधिकारियों, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं व अन्य महानुभावों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।


किसी श्रद्धालु को दिक्कत नहीं आने देंगे : रेणू एस फूलिया
अंबाला मंडल की आयुक्त रेणू एस फूलिया ने बताया कि कपालमोचन मेला में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है। मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को दिक्कत नहीं आने देंगे। जिला प्रशासन ने अच्छे तरीके से मेले की तैयारी की है। उन्होंने आदिबद्री क्षेत्र एवं माता मंत्रा देवी मंदिर में जाने वाले यात्रियों एवं श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे दिन के समय में ही इन मंदिरों में जाए और रात होने से पहले वापस लौट आएं।

कार्यक्रम की विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित करती आयुक्त रेेणू एस फुलिया व अन्य अधिकारी। डीआईप

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