फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: पहले गिरने दिया कचरा, अब उठान पर खर्चेंगे 17.81 लाख

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के अफसर पहले तो खुले में कचरा गिरने से रोक नहीं पाए और अब उसी कचरे के उठान के लिए 17.81 लाख रुपये खर्च करने जा रहे हैं। इतनी राशि सिर्फ पुराना हमीदा हेड समीप से पुराने कचरे की कैल कचरा प्लांट में शिफ्टिंग पर खर्च होगी, जिसके लिए ई-टेंडर लगा दिया गया है। इसका पता लगते ही निवर्तमान पार्षद निगम अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। पार्षदों का आरोप है कि ठेकेदार व निगम के कर्मियों सहित आसपास के लोग उक्त साइट पर वर्षों से कचरा गिराते रहे। ये देख अफसर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करते रहे और अब उसी कचरे के उठान के लिए जनता से जुटाए टैक्स के सरकारी धन में से 17.81 लाख रुपये की बर्बाद करने पड़ रहे हैं।
पुराना हमीदा के निवासियों की मानें तो हमीदा हेड पर गत चार वर्षों से लगातार कचरा गिर रहा है। उनका आरोप है कि यहां कचरा ठेकेदार सहित निगम के कर्मियों ने गिराया। इससे परेशान होकर वह कई बार शिकायतें व रोष प्रदर्शन कर चुके हैं। पुरानी जोहड़ दलदल का रूप ले चुकी और उस पर गिराए कचरे में खाना तलाश करते कई गोवंश फंस कर मर चुके हैं। इसके अलावा कचरे से दुर्गंध व मक्खी-मच्छर होने से बीमारी का भी खतरा है। ये देख निगम अफसरों की ओर से हमीदा हेड से पुराने कचरे की कैल प्लांट में शिफ्टिंग को 17.81 लाख का ईटेंडर लगा दिया गया है।
विज्ञापन


कार्रवाई करते अफसर तो बचते लाखों रुपये
वार्ड-13 से निवर्तमान पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि गत तीन-चार वर्षों में शहर के पूरे कचरे को निस्तारण प्लांट पहुंचाने के बजाय काफी कचरा खुले में डंप किया गया। निवासी अवगत कराते रहे कि ठेकेदार व निगम के कर्मी हमीदा हेड समीप कचरा गिरा रहे हैं, पर अफसर खानापूर्ति करते रहे। कार्रवाई करते तो कचरा उठान पर 17.81 लाख बर्बाद न करने पड़ते।
विज्ञापन


ठेकेदार से कचरा उठवाकर बचाएं पैसा-
वार्ड-8 से निवर्तमान पार्षद विनोद मरवाह ने कहा कि डोर टू डोर कचरा उठान से निस्तारण तक का काम 11-11 वार्डों के दोनों जोन में अलग-अलग एजेंसियों को अलॉट है। अगर खुले में गिराए गए पुराने कचरे का इन्हीं दोनों एजेंसियों से उठान कराया जाए तो 17.81 लाख रुपये बचाए जा सकते हैं। यही मांग नगर निगम आयुक्त और सदन बैठक में करेंगे।

इस बारे में संबंधित अफसरों से बात करेंगे। नियमानुसार जो भी उचित कार्रवाई बनेगी, वह अमल में लाएंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें