करीब तीन माह बाद शुक्रवार को 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुल गए। इस दौरान विशेष नियमावली के साथ अध्यापक और विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। स्कूल में प्रवेश से पूर्व विद्यार्थियों का थर्मल मीटर से तापमान मापा गया और विद्यार्थियों के हाथ सैनिटाइज करवाए गए। इसके बाद उन्हें स्कूल में प्रवेश दिया गया। इस दौरान जिले के स्कूलों में करीब 20 प्रतिशत ही विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई।
जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रभाव कम होने के बाद शुक्रवार को जिले के सरकारी और निजी स्कूल विद्यार्थियों के लिए खोल दिए गए। निदेशालय की ओर से जारी नियमावली के अनुसार स्कूल पहुंचने पर विद्यार्थियों का तापमान मापा गया। वहीं स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों से उनके अभिभावकों का अनुमति पत्र भी लिया गया। जिले के 111 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में शुक्रवार को विद्यार्थी पहुंचे। इस दौरान तीन घंटे तक विद्यार्थियों की कक्षा लगी। स्कूलों में अध्यापकों के लिए स्कूल पहुंचने का समय सुबह साढ़े आठ बजे और विद्यार्थियों के पहुंचने का समय सुबह नौ रखा गया है।
विभाग को नहीं मिल सकी विद्यार्थियों की संख्या
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की हाजिरी शिक्षा विभाग के अवसर एप पर लगाई गई। एप पर ही विद्यार्थियों का तापमान भी दर्ज किया गया। निर्देशानुसार सभी प्रभारियों की अपने स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थित विभाग को भेजनी थी। स्कूल प्रभारियों ने ये सूची तो भेजी, लेकिन विभाग का डैश बोर्ड क्रैश हो गया। इससे अधिकारियों को पता नहीं चल पाया कि किस क्षेत्र में उपस्थिति अधिक और कम रही। वहीं अधिकारियों का दावा है कि सभी स्कूलों में 40 फीसदी से ज्यादा विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।
निजी स्कूलों का नहीं मिला ब्योरा
विभाग ने स्कूलों में उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या व तापमान का ब्योरा रखने के लिए अवसर एप पर जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। ये नियम भी सिर्फ सरकारी स्कूलों पर लागू है। ऐसे में निजी स्कूलों को अपने अनुसार व्यवस्था बनाने को कहा गया है। जबकि शुक्रवार को निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति सरकारी स्कूलों की अपेक्षा अधिक रही। शिक्षा विभाग अब निजी स्कूलों का निरीक्षण करेगा।
वर्जन
कोरोना संक्रमण बचाव नियमावली के अनुसार स्कूल खोलेंगे हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सभी बंदोबस्त किए गए हैं। पहले दिन डैश बोर्ड न चलने के कारण विद्यार्थियों की उपस्थित संख्या का पता नहीं चल पाया है। निजी स्कूलों को नियमावली का पालन करने को कहा गया है। निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति पता नहीं है। इसलिए सभी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा।
शिव कुमार धीमान, उप जिला शिक्षा अधिकारी।