संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला पुलिस के लिए छोटे अपराधी कम गैंगस्टर ज्यादा चुनौती बन गए हैं। बात करें तो डेढ़ माह में तीन जगह फायरिंग हो चुकी है, लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक कुछ नहीं लगा है। केवल बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
फायरिंग का सिलसिला 15 मई को व्यासपुर के फ्लाइंग कलर आइलेट सेंटर से शुरू हुआ था। उसके बाद से रुका ही नहीं। वहीं एक बाद एक हुई फायरिंग की घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवाल खड़े हो रहे हैं। व्यासपुर-जगाधरी स्टेट हाईवे पर पावर हाउस के सामने स्थित फ्लाइंग कलर आइलेट सेंटर पर 15 मई को एक युवक ने अंदर घुसकर ताबड़तोड़ 14 गोलियां बरसा दी थी। लेकिन फायरिंग करने का बदमाश अभी तक पुलिस की पहुंच से बाहर है, जबकि एसपी की तरफ से बदमाश पर इनाम रखने की भी घोषणा हो चुकी है। लेकिन वारदात वाले दिन पुलिस को गोलियों के खाली खोल व दो कारतूस भी मिले थे। वहीं 27 मई को गोबिंदुपरी रोड पर अंग्रेजी शराब के ठेके पर एक युवक ने अंदर घुसकर पांच पर्चियां फेंकने के बाद 12 राउंड की फायरिंग की थी। इन पर्चियों में बंबीहा, कौशल चौधरी गैंग और एक विदेशी नंबर लिखा हुआ मिला है।
इस मामले में भी अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसी तरह बंबीहा और कौशल चौधरी गैंग के नाम पर साढौरा के मार्बल कारोबारी संजय से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले दो बदमाशों का पुलिस अभी तक सुराग नहीं लगा पाई है। यहां तक कारोबारी की तरफ से लिखित में शिकायत भी दे दी गई, लेकिन पुलिस वेरिफाई करने में ही जुटी हुई है। घटना से कारोबारियों में रोष है