पानी से आग पर काबू पाने वाले पिछले पांच दिनों से लोगों को पानी से बचाने में जुटे हैं। इनकी कड़ी मेहनत के चलते शहर की कई जलमग्न कॉलोनियों से पानी निकाला जा चुका है। हम बात कर रहे है फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की, जो दिन-रात ट्विन सिटी में रिकार्ड बरसात के बाद बदतर हुए हालात को सामान्य बनाने में जुटे हैं। इतना ही नहीं, ये कर्मचारी जलभराव वाले इलाकों मेें लोगों को खाने-पीने का सामान भी पहुंचा रहे हैं। पिछले पांच दिनों से फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां सड़कों पर सायरन बजाते दौड़ती नजर आ रही हैं। इन वाहनों को देखकर हर किसी के जहन में यही विचार आता है कि कहीं आग लगी है। लेकिन पिछले पांच दिनों से दमकल वाहन बरसात के बाद निचले इलाकों में भरे पानी को निकालने के लिए फायर स्टेशन से निकल रहे हैं।
- पानी निकालने के लिए फायर ब्रिगेड का सहारा
जगाधरी वर्कशाप की एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों में पांच से छह फुट तक जलभराव हुआ। दमकल कर्मचारी लगातार दमकल वाहनों व पंपों की मदद से पानी निकालने में जुटे हुए हैं। गत 14 जुलाई को हुई रिकार्ड बारिश के बाद ट्विन सिटी की लगभग सभी कॉलोनियों में जलभराव हो गया। इन कॉलोनियों से पानी निकालने के लिए सबसे पहले फायर ब्रिगेड को कॉल की गई।
- पेयजल व खाद्य सामग्री भी पहुंचाई
जिन कॉलोनियों में जलभराव हुआ, वहां बिजली न आने से पेयजल की समस्या भी सामने आई। इन कॉलोनियों के लोगों को दमकल कर्मचारियों ने दमकल वाहन से पेयजल व खाने के पैकेट उपलब्ध करवाए। दमकल पानी से घिरे लोगों इतना ही नहीं, दमकल कर्मचारियों ने चारों तरफ पानी से घिरे मकानों में से लोगों को सुरक्षित बाहर भी निकाला। दमकल कर्मचारियों ने बरसात में भीगते हुए अपनी ड्यूटी निभाई।
छह दिन में आई पानी निकालने की 61 कॉल्स
फायर आफिसर गुलशन कालड़ा ने बताया कि गत 14 जुलाई से अब तक फायर स्टेशन में पानी निकालने के लिए 61 कॉल्स आ चुकी हैं। यमुनानगर व जगाधरी फायर स्टेशन के 104 दमकल कर्मचारी पिछले पांच दिनों से ड्यूटी पर हैं। सभी कर्मचारी 12-12 घंटे की शिफ्ट में काम कर रहे हैं। एक शिफ्ट में ड्यूटी देने के बाद उन्हेें फायर स्टेशन पर बुला लिया जाता है ताकि इमरजेंसी मेें उन्हें भेजा जा सके।