संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। नगर पालिका के सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल सिंह के साथ अभद्रता के मामले में पुलिस ने भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष पवन सैनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके बाद भी कर्मचारियों का विरोध शुक्रवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले में हल्की धाराएं लगाई हैं और अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कर्मचारियों कहना था कि जब तक सख्त धाराएं जोड़कर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित कर दी। चार जुलाई को नगर पालिका की टीम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। आरोप है कि भाजपा नेता ने अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार व सरकारी कार्य में रुकावट पैदा की। साढौरा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भाजपा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जांच शुरु कर दी है। एफआईआर के बाद शुक्रवार को भाजपा नेता व अन्य की गिरफ्तारी के लिए नगर पालिका परिसर में धरने पर बैठे कर्मचारियों को मनाने के लिए चेयरपर्सन शालिनी शर्मा और कई पार्षद मौके पर पहुंचे, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
इसके बाद थाना प्रभारी लखविंद्र सिंह ने कर्मचारियों से बातचीत कर मामले में निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। एसएचओ के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल अपनी हड़ताल स्थगित कर दी और काम पर लौटने का फैसला लिया।
कर्मचारियों ने साफ कहा कि नामजद आरोपियों पवन सैनी, सोनिया और उनके बेटे की जल्द गिरफ्तारी नहीं होती तो वे दोबारा हड़ताल शुरू करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी ड्यूटी के दौरान अधिकारियों के साथ अभद्रता और कार्य में बाधा डालने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
गौरतलब है कि चार जुलाई को बिजली निगम कार्यालय के पास अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगरपालिका की टीम और भाजपा नेता पवन सैनी के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि अभियान के दौरान सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल सिंह के साथ अभद्रता की गई और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। इसी घटना के विरोध में नगरपालिका कर्मचारी सात जुलाई से हड़ताल पर थे। हड़ताल स्थगित होने से कस्बे में सफाई व्यवस्था शुरू होने की उम्मीद जगी है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
गरीबों के हित में उठाई थी आवाज : पवन सैनी
वहीं पवन सैनी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी सरकारी अधिकारी के साथ अभद्रता नहीं की, बल्कि गरीबों के हित में आवाज उठाई थी। उनका कहना है कि यदि गरीबों के पक्ष में खड़ा होना अपराध है तो वह आगे भी ऐसा करते रहेंगे।