संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और उसे उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यशालाओं एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल आईआईसी इंक्यूबेशन, स्किल डेवलपमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट जनरेशन सेल, होम साइंस एवं फाइन आर्ट विभाग की ओर से कराया गया।
क्रिएटिव आर्टिस्ट कशिश गुप्ता ने रचनात्मकता से उद्यम तक विषय पर कार्यशाला में छात्राओं को रंगोली और ललित कला के जरिये स्वरोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कला को केवल शौक तक सीमित न रखकर उत्पाद निर्माण और व्यवसाय का माध्यम बनाया जा सकता है। छात्राओं को उत्पाद की आकर्षक प्रस्तुति, विपणन और ग्राहकों तक पहुंच बनाने के तरीके भी बताए गए।
डॉ. निताशा बजाज ने विचार से प्रभाव तक विषय पर छात्राओं को नवीन विचारों की प्रभावी प्रस्तुति, आत्मविश्वास से संवाद और उद्यमशील कौशल विकसित करने का प्रशिक्षण दिया। विरासत से नवाचार तक विषय पर आयोजित रचनात्मकता एवं नवाचार प्रतियोगिता में छात्राओं ने लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक रचनात्मकता से जोड़कर प्रतिभा दिखाई।
आयोजकों ने कहा कि उचित कौशल और उद्यमशील सोच से रचनात्मक विचारों को स्वरोजगार में बदला जा सकता है। आयोजन में कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. सुरिंदर कौर, आईआईसी कनवीनर विवेक, डॉ. निताशा बजाज, पारुल सिंह और विकास वालिया, डॉ. शिखा, डॉ. दीपिका घई, शालिनी, अनू और रजनी ने सहयोग दिया।