अनाज मंडी जगाधरी में रखी गेहूं से भरी बोरियां।
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6 प्रतिशत दाना सिकुड़ा होने या टूटने पर पेमेंट से कोई कटौती नहीं होगी। लेकिन 6 से 8 प्रतिशत पर 5.31 रुपये, 8 से 10 प्रतिशत पर 10.62 रुपये, 10 से 12 प्रतिशत पर 15.93 रुपये, 12 से 14 प्रतिशत पर 21.25 रुपये, 14 से 16 प्रतिशत पर 26.56 रुपये और 16 से 18 प्रतिशत पर अधिकतम 31.87 रुपये प्रति क्विंटल की दर से काटे जाएंगे। इसलिए भाकियू ने 13 अप्रैल को सभी अनाज मंडियों के आगे सड़क जाम करने का निर्णय लिया है। संजू ने कहा कि इस कटौती को किसान बर्दाश्त नहीं करेगा।
आरोप लगाया कि भारत सरकार किसानों से खेती छुड़वाना चाहती है। फसल खरीद में अनेक प्रकार की शर्तें लगाकर खरीद से भागना चाहती है। अबकी बार गेहूं की फसल अच्छी पैदावार हुई है लेकिन सरकार खरीदने में आनाकानी कर रही है। अगर किसी किसान की गेहूं में किसी भी प्रकार का कोई डैमेज नहीं है तो उसको भी जिले के किसानों को 10 प्रतिशत के हिसाब से सरकार को काट देना पड़ेगा।
अगर सरकार बुधवार तक जारी किए गए आदेश को वापस नहीं लेती तो 13 अप्रैल को सभी अनाज मंडियों के आगे रोड को जाम किया जाएगा। मौके पर भाकियू जिला महासचिव गुरवीर सिंह, जगाधरी ब्लॉक प्रधान कृष्णपाल, वीरा राम, माया राम, महेंद्र सिंह, जगाधरी अनाज मंडी प्रधान मनीष कांबोज उपस्थित रहे।
सरकार निर्णय वापस लेः सुभाष गुर्जर
भारतीय किसान यूनियन (रतनमान) के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि गेहूं खरीद को लेकर सरकार एमएसपी खरीद में किसानों के लिए नए तुगलकी फरमान जारी कर रही है। सरकार किसानों को बर्बाद करना चाहती है। पहले ही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं खत्म हो चुकी है। जहां एक तरफ किसान बोनस की मांग कर रहा है। वहीं सरकार ने पेमेंट में कटौती करने के आदेश जारी कर किसान के साथ धोखा किया है। सरकार के हर तुगलकी फरमान का भाकियू डटकर विरोध करेगी। मौके पर महिंद्र सुडैल, राजीव तेजली, नीटू, पवन गोयल दामला मौजूद रहे।