Farmers kept SK road jammed for four and a half hours
- फोटो : Yamuna Nagar
रादौर। टूटे पड़े एसके रोड को लेकर वीरवार को भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसानों ने शहर के सर छोटूराम चौक पर टेंट गाढ़कर रोष प्रकट किया। टूटी सड़क न बनाए जाने के विरोध में किसानों ने लगभग चार घंटे एसके रोड जाम रखा। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की। किसानों द्वारा जाम लगाए जाने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और वाहनों को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया। बाद में रोड जाम कर रहे किसानों से बात करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन नवीन खत्री, एसडीएम रादौर सतेंद्र सिवाच, डीएसपी रजत गुलिया, एसडीओ जसमेर सिंह मौके पर पहुंचे।
इस दौरान लोकनिर्माण विभाग के एसडीओ जसमेर सिंह ने किसानों को बताया कि एसके रोड बनाने के लिए सरकार ने सात करोड़ 54 लाख रुपये का बजट मंजूर किया है। जिसे बनाने में दो माह का समय लगेगा। वहीं यमुनानगर से जेएमआईटी तक का सड़क मार्ग बनाने का कार्य 15 सितंबर से शुरू कर दिया जाएगा। जिस पर किसानों ने प्रशासन के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 20 सितंबर तक सड़क बनने का कार्य शुरू नहीं हुआ तो 21 सितंबर को किसान एक्सईएन पीडब्ल्यूडी कार्यालय का घेराव करेंगे। जिसके लिए प्रशासन के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोल दिया।
रादौर की सड़कों के हालात खस्ता
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि यमुनानगर से रादौर की सड़क खस्ताहाल है। इस सड़क पर हर रोज दुर्घटनाएं हो रहीं है लेकिन सरकार व प्रशासन को जनता की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के मंत्री सड़क पर जहाज उतारने की बात तक करते हैं लेकिन सड़कों पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। रादौर में लंबे समय से एसके रोड टूटा पड़ा हुआ है। दिनभर सड़क पर धूल उड़ती है, जो लोगों को बीमार बना रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सड़क बनने का कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।