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Yamuna Nagar News: किसानों ने हाथों में धान लेकर किया प्रदर्शन

Wed, 25 Sep 2024 03:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद न होने से गुस्साए किसान मंगलवार को सड़क पर उतर आए। किसान हाथों में पकी हुई धान लेकर अनाज मंडी जगाधरी से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंच गए। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
आरोप लगाया कि पहले सरकार ने 23 सितंबर से धान खरीद शुरू करने का पत्र जारी किया था, बाद में इसे वापस ले लिया गया। ऐसा करके सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। लघु सचिवालय में पहुंच कर किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना के नेतृत्व में प्रधानमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा। किसान बड़ी संख्या में अनाज मंडी जगाधरी में एकत्रित हुए।
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यहां पर किसानों ने पहले मार्केट कमेटी जगाधरी कार्यालय में बैठक की। इसके बाद धान लेकर नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे। यहां गुंदियाना ने कहा कि हरियाणा में धान की फसल पक कर पूरी तरह तैयार हो चुकी है। तकरीबन सभी अनाज मंडी में धान आना शुरू हो चुका है। हरियाणा सरकार की तरफ से 23 सितंबर से खरीद शुरू होने के आदेश जारी किए गए थे।
वह आदेश वापस लेकर किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया गया हैष किसानों की फसल मंडी में पड़ी खराब हो रही है। सभी किसान व आढ़ती सरकार से मांग करते हैं कि जल्दी आज से ही धान खरीद के आदेश जारी किए जाएं नहीं तो किसान मजबूर होकर सड़कों पर उतरेंगे और सभी मंडियों में ताले लगा दिए जाएंगे।
किसानों ने कहा कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान हो नहीं तो मजबूर होकर किसानों और व्यापारियों को मिलकर चुनाव में बीजेपी सरकार के विरोध करने का निर्णय लेना पड़ेगा। मौके पर अनाज मंडी एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष जगमाल सिंह शेरपुर, जगाधरी अनाज मंडी के प्रधान मनीष कांबोज, रादौर अनाज मंडी से संजय गुप्ता, भाकियू निदेशक मंदीप रोड छप्पर, संदीप टोपरा, महासचिव गुरवीर सिंह, हरपाल सुढल, कृष्णपाल, शिव कुमार संधाला, राजकुमार, जोगिंद्र, हरबिंद्र चिमा, विशाल सैनी, पूर्व राज्य मंत्री कर्णदेव कांबोज आदि मौजूद रहे।

भाकियू निदेशक मंदीप रोडछप्पर ने कहा कि 1966 में जब से हरियाणा बना था तब से यह कानून था कि धान की फसल को 100 दिन के भीतर पकने के बाद खरीदा जाता है। इसके अलावा जब सरकार धान की रोपाई का समय 15 जून निर्धारित करती है तो उस हिसाब से भी 15 सितंबर तक समय बनता है और फसल पक कर तैयार हो जाती है तो सरकारी से खरीदने में क्यों देरी करती है। इससे किसानों को बहुत अधिक नुकसान है।
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एक अक्तूबर से होगी सरकारी खरीद : विशाल गर्ग
वहीं अनाज मंडी मार्केट कमेटी के सचिव विशाल गर्ग ने कहा मंडियों में फसल आ चुकी है और प्रशासन की तरफ से किसानों के लिए मंडियों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा चुकी है। धान फसल की सरकारी खरीद एक अक्तूबर से की जाएगी।
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