संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लंबे समय से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे जिले के किसानों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश सरकार ने मानसून सीजन के दौरान बारिश और बाढ़ के कारण खराब हुई फसलों के लिए मुआवजा राशि जारी किए जाने की घोषणा की है। सरकार के इस फैसले से किसानों में उम्मीद जगी है, क्योंकि वे कई महीनों से आर्थिक सहायता का इंतजार कर रहे थे। लगातार फसल नुकसान झेल चुके किसान हर सप्ताह सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि मुआवजा आखिर कब जारी होगा।
जानकारी के अनुसार जिले के 527 गांवों के कुल 3544 किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया था। किसानों द्वारा लगभग 14,296 एकड़ भूमि में फसल खराब होने की जानकारी दर्ज कराई गई थी। भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ के कारण धान, गन्ना, सब्जियों और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ था। कई किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई, जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के परिवार आर्थिक संकट में आ गए। कई गांवों में तो फसलें रेत के नीचे दब गई थी। इसी बीच किसानों की एक नई चिंता भी बढ़ गई है। कई किसानों को आशंका है कि कहीं मुआवजा सूची में से उनका नाम हटा न दिया गया हो। ऐसा इसलिए क्योंकि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने कहा है कि सर्वे में काफी किसानों के खेतों में नुकसान नहीं मिला। जिन खेतों में पानी था वह निकल गया था और फसलें बच गई। जिसके चलते अनेक किसानों को मुआवजा श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। इस वजह से मुआवजा पाने की उम्मीद रखने वाले किसान बेचैन हैं और अपने नाम की स्थिति जानने के लिए लगातार अधिकारियों से संपर्क करने लगे हैं।
मुआवजा न देना पड़े इसलिए काटे नाम:
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने बताया कि किसान कई महीने से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कर्ज, बीज व खाद के खर्च से परेशान हैं। समय पर मुआवजा न मिलने से रबी सीजन की तैयारी पर भी असर पड़ रहा है। सरकार ने जानबूझ कर प्रदेश के हजारों किसानों के नाम लिस्ट से काट दिए हैं ताकि उन्हें मुआवजा न देना पड़े। कितने किसानों के नाम कटे हैं इसका पता तभी चल पाएगा जब खातों में मुआवजा राशि आनी शुरू हो जाएगी। बहुत से किसान इसलिए भी आवेदन कर देते हैं क्योंकि तब खेतों में पानी भरा होता है। दूसरा सरकार पोर्टल पर आवेदन करने के लिए तारीख निर्धारित कर देती है। किसानों को यह डर रहता है कि पता नहीं बाद में वह आवेदन कर पाएंगे भी या नहीं।