संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। किसानों का रुझान अब पारंपरिक फसलों के साथ वैकल्पिक खेती की ओर भी बढ़ रहा है। जिले में पॉपुलर की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का बेहतर जरिया बनती जा रही है। कम समय में तैयार होने वाले पॉपुलर के पेड़ से किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं।
किसानों के अनुसार पॉपुलर की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पौधे लगाने के बाद भी खेत में अन्य फसलें उगाई जा सकती हैं। किसान पॉपुलर के पेड़ों के बीच गेहूं, धान, गन्ना, चारा और दालों जैसी फसलों की खेती कर सकते हैं।
इससे उन्हें एक ही खेत से दोहरी आमदनी प्राप्त करने का अवसर मिलता है। खेत की मेड़ और किनारों पर भी पॉपुलर के पेड़ लगाए जा सकते हैं। पॉपुलर के पेड़ों की देखभाल के लिए समय पर सिंचाई, खाद और आवश्यक कृषि कार्य करने पड़ते हैं। किसानों के अनुसार, उचित देखभाल मिलने पर पेड़ तेजी से बढ़ते हैं। हालांकि, पेड़ों की वृद्धि और तैयार होने का समय उनकी किस्म, मिट्टी, सिंचाई तथा कृषि प्रबंधन पर निर्भर करता है।
किसान प्रमीत सांगवान, मुनीष सांगवान, राजन और कपिल सहित अन्य किसानों के अनुसार, एक एकड़ भूमि में करीब 400 से 450 पॉपुलर के पौधे लगाए जा सकते हैं। पेड़ तैयार होने के बाद उनकी बिक्री से अच्छी आमदनी प्राप्त हो सकती है।
किसानों के अनुसार, एक पेड़ से लगभग 800 से 1500 रुपये तक की आमदनी होने की संभावना रहती है। हालांकि वास्तविक आय पेड़ की मोटाई, लंबाई, गुणवत्ता, बाजार भाव और बिक्री के समय पर निर्भर करती है। पॉपुलर की खेती में पौधों की दूरी, किस्म, छंटाई और सिंचाई का विशेष महत्व है।
किसानों को इन सभी पहलुओं की सही जानकारी मिलने से खेती की लागत को नियंत्रित करने और उत्पादन बेहतर करने में मदद मिल सकती है। कृषि अधिकारी संदीप रावल ने बताया कि किसानों को पॉपुलर की खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है। किसानों को करीब 24 रुपये में पौध उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। पहले पॉपुलर की पौध करीब 10 रुपये दर से उपलब्ध होती थी। सामान्य परिस्थितियों में पेड़ करीब साढ़े तीन से चार साल में तैयार हो सकते हैं।
गन्ने के खेत में लगाए गए पॉपुलर के पेड़। संवाद