माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। जिले की मंडियों में अधिकारियों की लापरवाही से जहां आढ़ती परेशान हैं, वहीं किसानों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारदाने की कमी और उठान में देरी से अव्यवस्था का माहौल है। अधिकतर मंडियों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। पेयजल की भी समस्या सामने आ रही है। वहीं जिले की किसी भी मंडी में किसानों के विश्राम करने की जगह नहीं है। मजबूरन किसानों को आढ़तियों की दुकान पर या गेहूं की बोरियों पर आराम करना पड़ रहा है। वहीं करीब दस दिन से किसानों को गेहूं का भुगतान नहीं मिल रहा है।
जिला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान शिव कुमार संधाला का कहना है कि सरकार की नीतियों से आढ़ती, किसान और श्रमिक सभी वर्ग परेशान हैं। काफी संख्या में उन किसानों को भी पेमेंट नहीं हुई है, जिनकी फसल दस दिन पहले खरीदी जा चुकी है। वहीं सरकार ने 72 घंटे में पेमेंट करने का दावा किया था। उन्होंने बताया कि 72 घंटे में पेमेंट का जो दावा था, उसमें सरकार झोल करती है। दरअसल गेहूं की खरीद के बाद उठान होकर गोदाम में जाने के बाद 72 घंटे का समय शुरू होता है। फसल का 10 दिन तक उठान नहीं होता है तो 72 घंटे तभी से शुरू होंगे, जब उठान होकर गेहूं गोदाम में पहुंच जाएगा।
रादौर में ढाई लाख कट्टों का उठान नहीं
रादौर। अनाज मंडी में वीरवार को पहले के मुकाबले गेहूं की आवक कम हुई। उठान धीमा होने के कारण गेहूं के 2 लाख, 50 हजार से अधिक कट्टे पड़े हुए है। इससे मंडी में जाम की स्थिति बनी है। मंडी में जगह की कमी होने के बाद आढ़तियों ने अपनी दुकानों के आगे गेहूं की बोरियों के ढेर लगाने शुरू कर दिए हैं। प्रशासन का कोई भी अधिकारी मामले की सुध लेने मंडी में नहीं आया। बड़े अधिकारी मार्केट कमेटी के अधिकारियों से मोबाइल पर सूचनाएं ले रहे हैं।
मार्केट कमेटी के सचिव जय सिंह बरहेडी ने बताया कि रादौर, गुमथला व जठलाना अनाज मंडियों में अब तक कुल 4 लाख, 53 हजार, 740 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। जिसमें से 3 लाख, 61 हजार, 485 क्विंटल गेहूं रादौर में, 38700 क्विंटल गेहूं जठलाना में तथा 53565 क्विंटल गेहूं गुमथला अनाज मंडी में आवक हुई है। जिसमें से 1 लाख, 91 हजार, 310 क्विंटल हैफेड ने रादौर में, 1 लाख, 70 हजार, 175 क्विंटल गेहूं वेयर हाउस ने रादौर में खरीद की है। वीरवार को 300 किसान रादौर अनाज मंडी में, 49 जठलाना में और 41 किसान गुमथला में गेहूं की फसल लेकर पहुंचे। संवाद
उठान धीमा, गेहूं रखने की जगह नहीं
साढौरा। अनाज मंडी में अव्यवस्थाओं के कारण फसल लेकर आ रहे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, आढ़तियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। सप्ताह में एक बार कूड़े का उठान किया जा रहा है। पक्के शेड के नीच खरीद एजेंसी ने अपने कट्टे रख दिए हैं। इससे किसानों को फसल खुले में उतारनी पड़ रही है। ऐसे में फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह का अभाव बन गया है। अनाज मंडी में हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। ऐसे में यदि बरसात होती है तो किसानों को काफी नुकसान होगा। आढ़तियों ने मार्केट कमेटी एवं खरीद एजेंसियों से उठान में तेजी लाने की मांग की है। संवाद
बारदाना नहीं तो कैसे होगा उठान : दिलबाग
यमुनानगर/ प्रताप नगर। यमुनानगर के पूर्व विधायक व इनेलो नेता दिलबाग सिंह ने वीरवार को जिले की तमाम अनाज मंडियों का दौरा कर किसानों और आढ़तियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जिलेभर की मंडियां गेहूं से अटी पड़ी हैं। न सरकार के पास बारदाना है और न ही मंडियों में कोई व्यवस्था। करोड़ों रुपये का अनाज खुले आसमान के नीचे पड़ा है। किसी भी मंडी में बारदाना नहीं है। जब बारदाना नहीं होगा तो गेहूं का उठान नहीं होगा। उन्होंने सरकार से अपील की है कि मंडियों में बारदाना तत्काल पहुंचाया जाए। इस मौके पर इनेलो नेता चौधरी भूपाल सिंह भाटी, इनेलो अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी जाहिद खान, गुरजिंदर खेड़ी, अरविंद कंबोज, गुरदयाल, जगमाल शेेेरपुर, रूबी शेरपुर , जसबीर सिंह शेरगिल लेदाखास, लखविंदर सिंह लेदाखास उपस्थित रहे। संवाद