पॉप्लर के रेट को लेकर चल रहा आंदोलन वीरवार को खत्म हो गया। समझौते की मिठाई खिलाने के लिए भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी शहजादपुर में पहुंचे थे लेकिन वहां पर किसानों ने उन्हेें खरी खोटी सुनाई। इससे पॉप्लर के दाम को लेकर छिड़ा संघर्ष शुक्रवार को फिर से शुरू होता दिखा।
किसानों ने समझौता मानने से इंकार कर दिया है। अब किसान संघ 14 अक्तूबर को किसान भवन यमुनानगर में बैठकर कर अगली रणनीति बनाएंगे। उधर, जगाधरी लक्कड़ मंडी में भी विरोध के सुर दिखे। आढ़तियों का कहना था कि फैक्ट्री संचालकों की मनमानी रुकने वाली नहीं है। वहीं शुक्रवार को समझौते के तहत न तो लक्कड़ बिकी और न ही काम हुआ।
प्रधान रामबीर ने कहा कि पॉप्लर किसान फैसला मानने को राजी नहीं हैं। किसानों का कहना है कि दस प्रतिशत रेट बढ़ाने से पॉप्लर के दाम पर कुछ ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उनकी मांग 1200 रुपये समर्थन मूल्य की है। किसानों के विरोध के चलते अब अगली रणनीति बनाने के लिए 14 अक्तूबर को मीटिंग होगी।
किसान चार दिन से पॉप्लर के रेट बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। किसानों ने जिले में छह नाके लगाकर लकड़ी की आवक रोक दी थी। वीरवार को विस अध्यक्ष कंवरपाल गुर्जर व विधायक घनश्यामदास अरोड़ा ने किसान, आढ़ती व प्लाइवुड व्यापारियों का समझौता करवाया था जिसमें दस प्रतिशत की बढ़ोतरी की बात हुई थी।