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लक्कड़ मंडी बंद, किसानों का धरना जारी

Wed, 07 Oct 2015 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
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पॉप्लर का रेट बढ़ाने के लिए किसानों का आंदोलन जारी है। दूसरे दिन सफेदा और पॉप्लर आढ़ती संगठन, भारतीय किसान यूनियन, किसान क्लब सहित कई संगठन किसानों के समर्थन में उतर आए और कलानौर नाके के नजदीक धरना दिया। धरने में फैसला लिया गया कि किसान अब हर रोज दस फैक्ट्रियों को चिह्नित कर धरना देंगे।
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किसानों ने लक्कड़ मंडी आने वाले सभी रूटों पर नाके लगाकर लकड़ी से भरे वाहनों को रोकने का काम दूसरे दिन भी जारी रखा। हालांकि मंगलवार को बहुत कम लकड़ी से भरे वाहन आए, जो भी लकड़ी से भरे वाहन आए, उन्हें किसानों ने रोककर वापस भेज दिया। दो दिन लक्कड़ मंडी बंद रहने से लगभग 40 करोड़ रुपये का नुकसान माना जा रहा है।

पॉप्लर आंदोलन के दूसरे दिन भारतीय किसान संघ के समर्थन में अनेक संगठन आए। सभी ने कलानौर नाके के पास लगाए टेंट में धरना देकर सरकार खिलाफ नारेबाजी की। वहीं अन्य रूटों पर भी किसान नेता अन्य किसानों के साथ लकड़ी से भरे वाहनों को रोकने में डटे रहे। भाकिसं के संगठन मंत्री सुरेंद्र ने कहा की प्लाइवुड व पिलिंग उद्योग सरकार के साथ मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं।
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वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन सिंह देवधर ने कहा की पॉप्लर की खरीद में हो रही लूट के खिलाफ भारतीय किसान संघ 2010 से संघर्ष कर रहा है। जिला प्रधान रामबीर सिंह ने कहा अगर सरकार ने पॉप्लर के भाव व इस लूट खसोट के खिलाफ जल्द कोई कार्रवाई नहीं की तो  आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। युवा जिलाध्यक्ष विकास राणा ने कहा की मंगलवार को सभी छह धरना स्थलों पर किसान भारी संख्या में मौजूद रहे।

उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों से एक भी लकड़ी की ट्राली या ट्रक मंडी में नहीं आया। धरने में सुरेश कनालसी, मोहकम सिंह दडवा सुभाष गुर्जर, पंडित लक्ष्मीचंद, प्रद्मूण सिंह, कपिल राणा रविंद्र सिंह, शीश पाल सिंह, संजू, मेघराज नंबरदार जसबीर सिंह उमेश शर्मा, जॉनी मौजूद रहे।

किसान नेताओं ने कहा कि पॉप्लर के दामों के साथ-साथ अब वे फैक्ट्रियों में प्रयोग हो रहे यूरिया के खिलाफ भी लड़ाई लड़ेंगे। फैक्ट्री मालिक कृषि में उपयोग होने वाले यूरिया का भी गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर यूरिया का ऐसे ही इस्तेमाल होता रहा तो किसानों को आने वाले समय में दिक्कत आएगी।

किसानों ने फैसला लिया कि हर रोज 10 फैक्ट्री को चिह्नित कर उनके बाहर किसान धरना देंगे और उनमें यूरिया की होने वाली सप्लाई बंद करेंगे।

भारतीय किसान संघ और भारतीय किसान यूनियन (गुणी प्रकाश गुट) के कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे पॉप्लर आंदोलन में जहां सफेदा पॉप्लर आढ़ती संगठन के बैनर तले निदेशक संदीप राणा, विनोद शर्मा, नरेंद्र गुप्ता, बलदेव गुप्ता, बलदेव पंवार सहित कई दर्जन आढ़ती किसानों के समर्थन में उतर आए। वहीं भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) के मंडल प्रधान बाबू राम गुंदयाना, सचिव हरपाल सुढैल, जिला प्रधान संजू गुंदयाना ने अपना समर्थन दिया।

संघ के प्रधान रामबीर चौहान ने कहा कि दो साल में पॉप्लर का रेट 1200 रुपये से घटकर मात्र 400 रुपये पहुंच गया। जबकि प्लाई का रेट बढ़ गया है, केवल पॉप्लर के दामों में कटौती की गई, प्लाई बोर्ड के दामों में कोई कटौती नहीं हुई। पॉप्लर का दाम कम मिलने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उनकी मांग है कि पापुलर का रेट 1200 रुपये प्रति क्विंटल किए जाए।

किसानों के आंदोलन से एशिया की सबसे बड़ी प्लाइवुड इंडस्ट्रीज बंद हो सकती है। इंडस्ट्रीज बंद होने से बिहार, यूपी, बंगाल समेत कई अन्य राज्यों से यहां काम करने वाले मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। इसके साथ ही यहां की विदेशों व देश के अन्य राज्यों में जाने वाली प्लाई बंद होगी। फैक्ट्री संचालकों की अभी से चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि उनके पास कुछ ही स्टॉक बाकी रह गया है।

किसानों की हड़ताल से दो दिन में लगभग 40 करोड़ रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। जिले में 312 प्लाइवुड फैक्ट्री, 284 पीलिंग मशीनें, 56 चीपर टोका मशीनें व 505 आरा मशीनें हैं। जिन पर सात सौ से अधिक लक्कड़ आढ़ती सप्लाई देते हैं। इन फैक्ट्रियों में प्रतिदिन लगभग चार लाख क्विंटल लकड़ी की खपत होती है। सोमवार को नाममात्र की ही लकड़ी जगाधरी और यमुनानगर लक्कड़ मंडी में पहुंची। एक दिन में 20 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। माना जा रहा है कि लकड़ी की आवक न होने से दो दिन में करीब 40 करोड़ रुपये का नुकसान है।
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