तीन कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर किसान शुक्रवार सुबह हरिद्वार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-344 पर स्थित मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर पहुंच गए। किसानों ने यहां पर टोल के बैरियर हटाकर इसे पूरी तरह फ्री कर दिया गया। फास्टैग सिस्टम भी बंद करवा दिया, ताकि टोल न वसूला जा सके। इससे नेशनल हाईवे से सभी गाड़ियां निशुल्क टोल प्लाजा से रवाना हुईं। इस दौरान किसान यहां धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। किसानों का टोल फ्री आंदोलन तीन दिन तक चलेगा। जिसके तहत 27 दिसंबर तक किसी गाड़ी से टोल नहीं लिया जाएगा।
बता दें कि चार राज्यों को जोड़ने वाले मिल्क माजरा टोल से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। इस दौरान किसी वाहन से कोई शुल्क नहीं लिया गया। आंदोलन से जहां लोगों को तीन दिन के लिए टोल से राहत मिलेगी, वहीं कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान होगा। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर, मनदीप रोड छप्पर सहित अन्य नेताओं ने किसानों को संबोधित किया। किसान नेताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी व्यंग्य किए। भाकियू नेता सुभाष गुर्जर ने बताया कि संगठनों के आह्वान पर तीन दिन टोल फ्री आंदोलन चलेगा। जिसके लिए किसान तीन दिन के लिए टोल प्लाजा पर ही रहेंगे। दिन और रात में व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसान संगठनों के पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। रात के लिए स्वेच्छा से 50 किसान मौजूद रहेंगे।
प्लाजा पर ही लगा दिया गया लंगर
किसान सुबह ही टोल प्लाजा पर पहुंच गए। यहां पर किसानों के खानपान की पूरी व्यवस्था की गई है। सुबह 11 बजे जहां किसानों को नाश्ता दिया गया। इसके तुरंत बाद दोपहर के खाने की तैयारियां शुरू कर दी गई। किसान तीन दिन का राशन व अन्य सामग्री लेकर पहुंचे हैं। किसानों के लिए प्लाजा पर ही लंगर लगा दिया गया।
किसानों ने कविताएं और गाने गाकर जताया विरोध
इस दौरान किसानों ने जहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, वहीं अन्य तरीकों से भी विरोध जताया। इस दौरान किसानों ने देश के हालात पर शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की कविताएं पढ़ी। वहीं कई किसानों ने पंजाबी गाने गाकर सरकार का विरोध किया। इस दौरान मेरे तो सहा नी ज्योंदा विछौड़ा तेरा की लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की।