किसानों को गन्ने का भुगतान करने के लिए सरस्वती शुगर मिल अब पूरी तरह से सरकार पर निर्भर है। अब भी मिल पर किसानों का 71 करोड़ रुपये बकाया है। मिल प्रशासन सरकार से यह रकम मिलने का इंतजार कर रहा है। सरस्वती शुगर मिल ने इस सीजन में किसानों को कुल 429 करोड़ रुपये का भुगतान करना था, जिसमें से अब तक 358 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
मिल को अब 71 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। यह रकम केंद्र व प्रदेश सरकार ने मिल को लोन के रूप में देनी है। गौरतलब है कि किसानों को गन्ने का भुगतान करने के लिए प्रदेश सरकार ने मिल को सौ करोड़ रुपये लोन के रूप में देने थे, जिसमें से अब तक 64 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।
मिल को 36 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार से मिलने हैं। वहीं मिल को शेष 35 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से लोन के रूप में मिलेंगे। मिल अधिकारी केंद्र व प्रदेश सरकार से 71 करोड़ रुपये लेने के लिए कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुटे हुए हैं। मिल प्रशासन का कहना है कि बिना सरकारी मदद के किसानों का भुगतान कर पाना संभव नहीं है।
बहुत देर की कर्जा देने में
सरस्वती शुगर मिल से यमुनानगर के अलावा कुरुक्षेत्र और करनाल जिले के करीब 40 हजार किसान जुड़े हुए हैं। मिल में गन्ने की पेराई शुरू होते ही मिल प्रशासन ने खराब वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए बिना सरकारी मदद के किसानों को गन्ने का भुगतान करने से हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद किसानों ने अपनी पेमेंट के लिए आंदोलन की राह पकड़ी। किसानों ने कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया और मुख्यमंत्री से भी मिलें। प्रदेश सरकार ने भुगतान संकट को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया, लेकिन इस पर निर्णय लेने में सरकार ने काफी समय ले लिया।
हमने किसानों को कुल 71 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। इसमें 36 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार से मिलने हैं और 35 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने लोन के रूप में देने हैं। उम्मीद है कि जल्द ही रकम मिल जाएगी और 31 जुलाई से पहले किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा।
एसके सचदेवा, चीफ ओपरेटिंग आफिसर, सरस्वती शुगर मिल