पापुलर सफेदा उत्पादक किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने छछरौली अनाजमंडी में पॉप्लर सफेदा की होली जलाई। किसान मंडी से कार्यशाला स्थल चूहड़पुर हर्बल पार्क जाने का प्रोग्राम था, लेकिन पुलिस ने उन्हें मंडी से बाहर नहीं निकलने दिया और उन्हें गिरफ्तार कर जगाधरी ले जाया गया। कुछ देर बाद सभी किसानों को रिहा कर दिया गया।
अपने तयशुदा कार्यक्रम के तहत पॉप्लर सफेदा उत्पादक किसान संघर्ष समिति से जुड़े किसान छछरौली अनाजमंडी पहुंचे। इसमें भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी और भाकियू के अन्य पदाधिकारी भी थे। उनका प्रोग्राम चुहड़पुर में मुख्यमंत्री के आगमन पर वहां पॉप्लर और सफेदा की होली जलाने का था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के न आने की सूचना मिलने पर किसानों ने अपने कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया। अनाजमंडी में इक ट्ठा हुए किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और फिर पॉप्लर और सफेदा की होली जलाई। इसके बाद किसान चूहड़पुर हर्बल पार्क जाने के लिए बाहर निकलने लगे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के अलावा तहसीलदार अश्वनी गंभीर व बीडीपीओ दिनेश शर्मा मौजूद थे। पुलिस ने किसानों को मंडी से बाहर नहीं जाने दिया। किसानों ने इसका विरोध किया। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ दिनेश शर्मा ने किसानों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए। पुलिस कर्मियों ने समिति नेताओं व किसानों को गाड़ी में बिठाया और जगाधरी ले गए। कुछ देर हिरासत में रखने के बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
-सही दाम मिलने तक जारी रहेगा प्रदर्शन
मंडी में किसानों को संबोधित करते हुए समिति के पदाधिकारी सतपाल कौशिक व भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि पाप्लर व सफेदा उत्पादन किसानों को उनकी फसलों के सही दाम नहीं मिल रहे हैं। किसानों को मजबूरन औने-पौने दाम में फसल बेचनी पड़ रही है। सरकार ने प्लाइवुड के लाइसेंस खोलने के लिए काफी दिन पहले घोषणा भी कर दी थी, मगर आज तक प्लाइवुड के नए लाइसेंस नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को पॉप्लर व सफेदा के सही दाम नहीं मिलेंगे, तब तक किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा। मौके पर पूर्व विधायक अर्जुन सिंह,खिलाराम नरवाल, रामपाल नंबरदार, मोहन वर्मा, मनोज जयरामपुर, पूर्व सरपंच बीबीपुर महरूफ, पूर्व सरपंच नवाब अली कुटीपुर, जगमाल शेरपुर, गुरदयाल शेरपुर, जरनैल सिंह, चंद्रभान, सुभाष धौड़ंग व जगदीश देवधर, संजु गुंदयानी, सतपाल नंबदार, जयभगवान शर्मा, सुनील बरेड़ी, जरनैल पंजेटा, मोहन वर्मा, बिरम जेलदार, रणजीत सिंह बलाचौर, सुभाष गुज्जर, विश्वास शर्मा, पं.लख्मी चंद, नवाब जेलदार, विक्रम सिंह शेरगिल, कमल अमादलपुर, बंटी अमादलपुर, रामपाल प्रधान, भोपाल सिंह, बलविंद्र टापू, तेजपाल तेलीपुरा, धमेंद्र राणा अमालदपुर, असजद शादीपुर, अमरजीत शादीपुर व असरफ शादीपुर आदि के अलावा बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।