गांव सुखदासपुर से ट्रैक्टर में सवार होकर जाते लोग। मृतक किसान इंद्राज का फाइल फोटो।
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हरियाणा के यमुनानगर के सरस्वतीनगर क्षेत्र के गांव सुखदासपुर में बारिश के पानी से बर्बाद हुई फसल का मंजर किसान इंद्राज सहन नहीं कर सका। वह खेतों में लगी फसल को देखने गया तो वह चार फीट पानी में डूबी हुई थी। बाढ़ जैसे हालात से नुकसान होता देख उसे सदमा लगा और घर जाते ही तबीयत बिगड़ गई। रास्ते में पानी जमा होने के कारण उन्हें ट्रैक्टर-ट्राली में डॉक्टर के पास ले जाया गया। जहां उपचार के बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गांव सुखदासपुर के सरपंच भूपेंद्र सैनी ने बताया कि गांव के पास से चेतंग नदी निकल रही है। नदी ओवरफ्लो होने की वजह से खेतों में पानी जमा हो गया है। गौरव सैनी ने बताया कि गांव का किसान इंद्राज वीरवार सुबह जैसे ही अपने खेतों की ओर गया तो फसल की बर्बादी सहन नहीं कर पाया। अपने घर पहुंच कर उसकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजन उसे डॉक्टर के पास ले जाने की तैयारी करने लगे। परंतु रास्ते पर बारिश का पानी जमा था। इसलिए परिजन इंद्राज को ट्रैक्टर पर डॉक्टर के पास लेकर गए। इससे डॉक्टर तक जाने में काफी समय लग गया। डॉक्टर ने जांच के बाद इंद्राज को मृत घोषित कर दिया।
सरपंच भूपेंद्र सिंह ने बताया कि निधन के बाद इंद्राज के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जिन सगे संबंधियों व रिश्तेदारों ने आना था उन्हें ट्रैक्टर ट्राली से सरस्वतीनगर से सुखदासपुर ले जाया गया। संस्कार के बाद उन्हें वापस सरस्वतीनगर छोड़ा गया। गांव के लोग व बाहर से आए हुए उनके रिश्तेदार यही चर्चा कर रहे थे कि प्रशासन ने पानी निकासी की समस्या का कोई समाधान नहीं किया।
जिसकी वजह से यह हालात पैदा हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार किसान इंद्राज ने आठ एकड़ जमीन में करीब 25 दिन पहले जीरी फसल लगाई थी। चेतंग नदी ओवर फ्लो होने के कारण उसके खेतों में पानी भरा हुआ है।