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फाइनेंस कंपनी से तंग होकर महिलाओं ने खोला पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा-

Fri, 30 Dec 2016 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
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पुलिस - फोटो : यमुनानगर
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अमर उजाला ब्यूरो
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यमुनानगर। बिलासपुर क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने शुक्रवार फाइनेंसर और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। महिलाओं ने यहां बिलासपुर पुलिस व फाइनेंसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। डीएसपी अजय राणा ने महिलाओं को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। बतां दे कि गुरुवार को फाइनेंसरों से तंग आकर महिलाओं ने बिलासपुर थाने में हंगामा किया था। जिसपर पुलिस ने दो पुरुषों सहित 42 महिलाओं पर केस दर्ज किया था।


इसपर भड़की सैकड़ों महिलाएं गुरुवार सुबह लघु सचिवालय पहुंची। यहां उन्होंने पुलिस पर फाइनेंसरों के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया। महिलाओं ने यहां बिलासपुर एसएचओ व फाइनेंसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सैकड़ों की संख्या में महिलाओं के लघु सचिवालय पहुंचने की सूचना पर पुलिस बल तैनात किया। सूचना मिलने पर डीएसपी अजय राणा मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाकर शांत किया। महिला जसविंद्र, बबली, जसवंती, गीता, अंजू, रोशनी, परमजीत, प्रेमलता, सुमन, बिमला, सीटू, सोना देवी व जगीरों ने बताया कि बिलासपुर, कपूरी, हरनौली, जुडा जटान, सहित कई गांव की सैकड़ों महिलाओं ने प्राईवेट फाइनेंस कंपनियों से मासिक किस्तों पर लोन लिया हुआ है।
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जिसकी किस्त वे समय पर अदा कर रही है। लेकिन जिस दिन से नोटबंदी हुई है। उस दिन से वे किस्त नहीं चुका पा रही है। कंपनी के कर्मचारी किस्त लेने का दबाव बना रहे है। किस्त नहीं देने पर उनका अपमान व अभद्र भाषा का प्रयोग करते है। इसकी शिकायत करने के लिए गुरुवार को बिलासपुर थाने में गए थे। लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। उल्टे उनके खिलाफ ही केस दर्ज करने की बात कहीं। इस बात को लेकर थाने में हंगामा हो गया। बाद में उन्हें पता चला कि पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया।


बॉक्स
पुराने नोटों से लोन, नए से मांग रहे किस्त:
महिलाओं ने कहा कि फाइनेंस कंपनी वाले करोड़ों रुपये का काला धन महिलाओं में बांट रहे है। वे उन्हें कहते है कि पुराने नोट जितने चाहे ले लो, लेकिन किस्त के हमें नए नोटों चाहिए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में करीब आधा दर्जन कंपनियां महिलाओं को ठगने का काम कर रही है। उनकी मांग है कि इन कंपनियों की जांच की जाए।


बॉक्स
महिलाओं का अपमान करना बंद नहीं किया तो देंगे धरना :
महिलाओं ने कहा कि पहले कंपनी के कर्मचारी उनके साथ अभद्र व्यवहार कर उनका अपमान कर रहे थे। उनकी शिकायत की तो पुलिस ने उनका अपमान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं का अपमान करना बंद नहीं किया गया तो वे धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगी।


बॉक्स
ये था मामला :
गुरुवार को बिलासपुर क्षेत्र की चार दर्जन से अधिक महिलाओं ने फाइनेंसरों के चंगुल से मुक्ति दिलाए जाने की मांग को लेकर बिलासपुर थाने में शिकायत करने आई थी। वहीं उन्होंने मांग की थी कि नोटबंदी के चलते उनकी बाकी की किस्तों को माफ किया जाए। बिलासपुर थाना प्रभारी नवीन ने महिलाओं को मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। लेकिन महिलाओं ने आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस ने महिलाओं को जांच कर कार्रवाई करने की बात कहीं। इस पर भड़की महिलाओं ने एसएचओ के मेज पर हाथ मारकर उनके साथ झगड़ा करने पर उतारू हो गई। महिलाओं ने यहां कुछ पुलिस कर्मचारियों के साथ बहस बाजी व धक्का मुक्की करने का प्रयास किया। जिस पर पुलिस ने दो पुरुषों सहित करीब 40 महिलाओं के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का केस दर्जकर कर लिया।
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वर्जन
पुलिस की महिलाओं ने एक न सुनी :
बिलासपुर थाना एसएचओ नवीन कुमार का कहना है कि गुरुवार को कुछ महिलाएं एक फाइनेंस कंपनी के खिलाफ थाने में आई थी। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जब उनसे बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने उनकी एक न सुनी और लोन माफ करने पर जोर देते हुए बहस करने लगी। इस दौरान कुछ पुलिस कर्मियों के साथ धक्का मुक्की भी की गई। जिस पर महिलाओं पर केस दर्ज किया गया। महिलाओं द्वारा दी गई शिकायत की भी निष्पक्ष जांच की जा रही है।
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