संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। उत्तराखंड में केदारनाथ भू-स्खलन में लापता बैंक कॉलोनी कांसापुर निवासी अनुज का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिजन अनुज की तलाश करने की मांग लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। सोमवार को भी अनुज के परिजन व मोहल्ला निवासी लघु सचिवालय डीसी से मिलने पहुंचे। डीसी के मीटिंग में व्यस्त होने के चलते सीटीएम पीयूष गोयल ने लोगों से बातचीत की।
इस दौरान परिजनों व लोगों ने प्रशासन पर उनकी मदद न करने का आरोप लगाया। लोगों ने सीटीएम से कहा कि वे उत्तराखंड पुलिस पर अनुज की तलाश के लिए दबाव दें। सीटीएम पीयूष गुप्ता ने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे। परिजनों का कहना है कि गौतम का शव मिल गया है। हादसे को दस दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन शव देखकर लगता है कि एक दो दिन पहले ही गौतम की मौत हुई है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड पुलिस अनुज की तलाश में कोई सहयोग नहीं कर रही है। वह परेशान हैं और बेटे की चिंता सता रही है। उन्होंने एसपी से मांग की है कि वह इस बारे में उत्तराखंड सरकार व पुलिस से बात करके उनके बेटे को तलाशने में मदद करें। इससे पहले व थोड़ी देर के लिए लघु सचिवालय के सामने यमुनानगर-जगाधरी जा रही सड़क के बीच में भी बैठ गए। जिससे सड़क पर जाम लग गया। बाद में पुलिस ने समझा बुझा कर उन्हें शांत किया और अधिकारियों से मिलवाया।
अनुज की मां सुमन, पिता सतीश, भाई सुशील सहित तनीष, प्रद्युमन, हर्ष, शुभम, शक्ति, अंकित, अंशुल ने बताया कि अनुज 30 जुलाई को अपने दोस्त गौतम के साथ केदारनाथ गया था। उनकी आखिरी बार 31 जुलाई को करीब सात बजे अनुज से बात हुई थी। उसके बाद से लेकर अनुज का फोन लगातार बंद आ रहा है। सुशील ने बताया कि भाई अनुज की तलाश के लिए वे उत्तराखंड गए थे, तो वहां पर उन्हें गौतम का शव मिला।
अनुज का अभी तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है। पांच अगस्त को अनुज का भाई व दोस्त उसे ढूंढने के लिए उत्तराखंड गए थे, लेकिन वह उन्हें नहीं मिला। परिजनों बताया कि उन्होंने अनुज के मोबाइल की लोकेशन भी निकलवा कर उत्तराखंड पुलिस को दे दी है, बावजूद इसके अनुज की गंभीरता से तलाश नहीं की जा रही है। सुशील ने कहा कि हो सकता है कि उसका भाई अनुज इधर उधर जंगल व पहाड़ में फंसा हो, यदि समय रहते तलाश की जाए तो अनुज सकुशल मिल सकता है।
सुशील ने कहा कि गौतम व अनुज दोनों साथ गए थे, जब गौतम का शव मिल गया है, तो अनुज भी आसपास होगा। सीटीएम ने परिजनों को प्रशासनिक स्तर की हर संभव मदद देने व उत्तराखंड प्रशासन से इस बारे बात करने का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हुए। वहीं सीटीएम पीयूष गोयल ने बताया कि अनुज की तलाश के लिए उत्तराखंड प्रशासन व पुलिस से लगातार की जा रही है। वहां बचाव कार्य चल रहा है, फंसे लोगों को निकाला जा रहा है और लापता की तलाश की जा रही है। अनुज की भी तलाश की जा रही है।
लापता अनुज के भाई सुशील ने कहा कि वे सोमवार को कैबिनेट मंत्री कंवरपाल से मिलने गए थे। मंत्री ने उनकी बात सुनकर दो घंटे इंतजार करने को बोला। जिस पर वे वहीं बैठे रहे, लेकिन उसके बाद उनकी दोबारा मंत्री से बात नहीं हुई। फिर पता चला कि वे कहीं बाहर चले गए हैं। सुशील ने कहा कि मंत्री से मिलने के बाद वे पूर्व विधायक दिलबाग सिंह से भी मिले। परंतु उन्हें इंतजार करने का आश्वासन दिया गया है। सुशील ने कहा कि लोकेशन देने के बाद भी पुलिस अनुज की तलाश नहीं कर रही है।