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फर्जी आरसी मामला: दोनों आरोपियों को लेकर पहुंची पुलिस, रिकार्ड रूम में खंगाली फाइलें

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Fake RC case: Police reached both accused, search files in record room - फोटो : Yamuna Nagar
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(यमुनानगर) जगाधरी। फाइनेंस निलामी के वाहनों की फर्जी रजिस्ट्रेशन करने के मामले में सिरसा सीआईए और यमुनानगर एसआईटी आरोपी अमित कुमार और दिव्यांग एमआरसी राजेंद्र डांगी को लेकर लघुसचिवालय स्थित रिकार्ड रूम में पहुंची। यहां आरोपी राजेंद्र डांगी ने रजिस्ट्रेशन किए वाहनों के दस्तावेज ढूंढ़े। चार घंटे तक यह कार्रवाई चली। इस दौरान राजेंद्र ने जो दस्तावेज निकाले उन्हें अलग कर दिया गया। सिरसा सीआईए ने उन कागजातों की सूची तैयार की है। इसके बारे एसडीएम को लैटर देकर सूची के दस्तावेज उन्हें देने बारे कहा गया है। दस्तावेज देने के बाद सीआईए की जांच आगे बढ़ेगी। वहीं आरोपी अमित सुरक्षा के सीआईए की गाड़ी में बैठा रहा। जबकि राजेंद्र डांगी ने दस्तावेज निकालकर पुलिस को दिए। सिरसा टीम डीएसपी कुलदीप बेनीवाल के नेतृत्व में यहां पहुंची। जबकि यमुनानगर टीम एसआईटी सदस्य इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह के नेतृत्व में पहुंची। वहीं सीआईए वन प्रभारी राकेश मटोरिया सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी यहां मौजूद रहे।
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मंगलवार को सिरसा सीआईए एमआरसी अमित को लेकर ई-दिशा केंद्र पहुंची। इधर से यमुनानगर एसआईटी आरोपी राजेंद्र डांगी को लेकर आई। 29 वाहनों की फर्जी आरसी बनाने के दस्तावेज राजेंद्र डांगी को निकालने के लिए रिकार्ड रूप में बैठा दिया गया। करीब तीन घंटे लगातार राजेंद्र ने कागजात खंगाला। जो दस्तावेज उसे मिलते गए उन्हें एक तरफ रहा। सिरसा टीम ने वह दस्तावेज लेने के लिए एसडीएम को पत्र लिख दिया है। सिरसा डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि एसडीएम के नाम लैटर लिखकर दस्तावेज उन्हें सौंपने को कहा गया है। दस्तावेज ज्यादा होने के कारण कुछ समय लग रहा है। यह मिल जाने के बाद आगे की जांच की जाएगी। इस मामले में यमुनानगर और बिलासपुर एसडीएम कार्यालय के तीन क्लर्क गिरफ्तार किए जा चुके हैं। ऐसे में बड़े अधिकारियों तक भी इसकी जांच की आंच पहुंच सकती है। ऐसे में दोनों कार्यालयों के हेड भी रडार पर आ सकते हैं।
अमित से बरामद किए 22 लाख
फर्जी आरसी बनाने के आरोप में गिरफ्तार अमित कुमार से सिरसा पुलिस 22 लाख रुपये बरामद कर चुकी है। पुलिस अभी इसे में और जांच कर रही है। चूंकि यह खेल बहुत बड़ा है। जिसमें आरोपी अमित से अभी और रिकवरी हो सकती है। वहीं मंगलवार को अमित को पुलिस की गाड़ी से बाहर नहीं निकाला गया। वह गाड़ी में बैठा रहा।
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तीसरा आरोपी बोला अमित करवाता था काम
इस मामले सोमवार को एसआईटी ने बिलासपुर एसडीएम के एमआरसी संजीव को गिरफ्तार किया था। बिलासपुर कोर्ट ने आरोपी को दो दिन के रिमांड पर भेजा दिया। रिमांड के दौरान आरोपी ने बताया कि एमआरसी अमित के ही कहने पर ऐसा किया। अमित दबाव बनाकर काम करवा लेता था।
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